डॉलर को बड़ा झटका! भारत-UAE के इस कदम से अमेरिका तक हलचल, जानें पूरी खबर

नई दिल्ली। भारत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने दोनों देशों के बीच स्थानीय मुद्राओं में कारोबार को बढ़ावा देने की दिशा में अहम कदम उठाया है। भारत-UAE उच्चस्तरीय संयुक्त कार्यबल की बैठक में स्थानीय मुद्रा निपटान, भुगतान और मैसेजिंग सिस्टम के एकीकरण के साथ केंद्रीय बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) से जुड़ी पहलों पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने इन व्यवस्थाओं को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने के लिए सहयोग करने पर सहमति जताई।

रुपये-दिरहम में कारोबार पर जोर

इस व्यवस्था का मकसद भारत और UAE के बीच व्यापार और निवेश को ज्यादा आसान और कुशल बनाना है। भारत और UAE के केंद्रीय बैंक स्थानीय मुद्रा में लेनदेन से जुड़ी व्यवस्था पर पहले से काम कर रहे हैं। सरकारी दस्तावेज के मुताबिक, दोनों देशों के बीच INR और AED में व्यापार तथा रेमिटेंस के निपटान की व्यवस्था मौजूद है।

बढ़ रहा भारत-UAE व्यापार

भारत और UAE के आर्थिक रिश्तों में लगातार विस्तार हुआ है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 101.25 अरब डॉलर तक पहुंच गया। बैठक में ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी, AI, लॉजिस्टिक्स, अंतरिक्ष, कृषि और स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।

स्थानीय मुद्राओं में कारोबार बढ़ने से डॉलर पर निर्भरता कम करने और सीमा-पार भुगतान को आसान बनाने की दिशा में मदद मिल सकती है। हालांकि, इसे डॉलर के अंत या किसी एक देश के खिलाफ कदम के तौर पर नहीं, बल्कि भारत-UAE के बीच भुगतान और व्यापार व्यवस्था को मजबूत करने वाली पहल के रूप में देखना ज्यादा सटीक होगा।

0 comments:

Post a Comment