न्यूज डेस्क: भारत में नागरिकता कानून को लेकर जगह जगह पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। वहीं भारत का सर्वोच्च न्यायालय भारत के संविधान / भारत के संविधान के भाग 5 अध्याय 4 के तहत स्थापित भारत का शीर्ष न्यायिक अधिकार है। सर्वोच्च न्यायालय को भारतीय संघ के अधिकतम और व्यापक न्यायिक क्षेत्राधिकार प्राप्त हैं। सुप्रीम कोर्ट का कहना हैं की भारत में रहने वाले हर भारतीय का प्रमाण पत्र होनी चाहिए और सभी भारतीय के पास ये पत्र मौजूद हैं।
आपको बता दें की देश भर में हो रहे नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के विरोध में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि मतदाता पहचान पत्र भी नागरिकता का प्रमाण है। मूल पहचान पत्र नागरिकता का प्रमाण है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जन्म प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, मूल निवास प्रमाण पत्र, पासपोर्ट एए को मूल प्रमाण माना जा सकता है। जो लोग भारत में रह रहें और और जिनका पूर्वज भारत का रहने वाला हैं। उन लोगों के पास ये प्रमाण पत्र जरूर होनी चाहिए।
अदालत ने आगे कहा कि यहां तक कि मतदाता कार्ड को नागरिकता का पर्याप्त प्रमाण कहा जा सकता है क्योंकि चुनाव कार्ड या वोटिंग कार्ड के लिए आवेदन करते समय, जनप्रतिनिधित्व कानून के प्रारूप 6 के तहत एक व्यक्ति के सक्षम नागरिक के रूप में एक घोषणा यह दर्ज करना होगा कि वह भारत का नागरिक है। इसके किसी भी व्यक्ति और धर्म को विरोध करने की जरुरत नहीं हैं। जो लोग भारत के निवासी हैं वो भारत में ही रहेंगे।

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