योगी सरकार का ऐतिहासिक कदम
भारत की रक्षा में बलिदान देने वाले सैनिकों के परिवारों की मदद करने के लिए यूपी सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब तक, बलिदानी सैनिकों के परिवार के सदस्य जैसे पत्नी, पुत्र, विधवा पुत्रवधू, अविवाहित पुत्रियां और माता-पिता को ही अनुकंपा नीति का लाभ मिल रहा था। लेकिन अब इस नीति में संशोधन किया गया है, जिससे शहीद सैनिक के भाई भी नौकरी पाने के पात्र होंगे। यह कदम विशेष रूप से उन परिवारों के लिए फायदेमंद होगा जहां बलिदानी का कोई अन्य आश्रित नहीं है, या जहां सैनिक की पत्नी बाद में दूसरी शादी कर लेती है।
कौन-कौन लोग होंगे लाभान्वित?
यह नई नीति विशेष रूप से शहीदों के विवाहित और अविवाहित भाईयों के लिए महत्वपूर्ण है। अब तक यह देखा जाता था कि शहीद सैनिक के परिवार के सदस्य जैसे पत्नी, माता-पिता और बच्चों को ही सरकारी नौकरी का अवसर मिलता था। लेकिन कई बार ऐसा हुआ है कि शहीद की पत्नी ने बाद में दूसरी शादी कर ली, जिससे आश्रितों की सूची में कमी आ जाती थी। अब, इस नई व्यवस्था के तहत शहीद सैनिक के भाई को भी सरकारी नौकरी का लाभ मिल सकेगा, जिससे उन परिवारों को और अधिक सहारा मिलेगा जो पहले नियमों के तहत लाभ से वंचित रहते थे।
कैबिनेट बाई सर्कुलेशन के तहत लिया गया निर्णय
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट द्वारा यह निर्णय लिया गया है, जिसे कैबिनेट बाई सर्कुलेशन के जरिए मंजूरी दी गई। इसके तहत, उन सैनिकों के आश्रितों को भी सरकारी नौकरी देने का प्रावधान किया गया है, जो सीमा पर देश की रक्षा करते हुए शहीद हो गए या आतंकवादी हमले में बलिदान हुए। यह निर्णय शहीदों के परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।

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