मुख्यमंत्री ने प्रशासन को पूरी तरह सतर्क रहने को कहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शीतलहर के दौरान अधिकारी अपने क्षेत्रों में सक्रिय रूप से भ्रमण करें और यह सुनिश्चित करें कि सरकारी व्यवस्थाएं ज़मीन पर सही ढंग से लागू हो रही हैं। खासतौर पर गरीब, बुजुर्ग और बेसहारा लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं, राज्य सरकार ने सभी जिलों में जरूरतमंदों के लिए कंबल वितरण और अलाव की समुचित व्यवस्था करने को कहा है। मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि कोई भी व्यक्ति खुले आसमान के नीचे रात गुज़ारने को मजबूर न हो। इसके लिए रैन बसेरों की व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया है, जहां गर्म बिस्तर, साफ-सफाई, पीने का पानी और पर्याप्त रोशनी जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हों।
यह निर्णय न केवल विद्यार्थियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए अहम है, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को भी दर्शाता है। ठंड के इस कठिन दौर में प्रशासन और समाज दोनों की साझा जिम्मेदारी है कि कोई भी व्यक्ति उपेक्षित न रहे और सभी सुरक्षित रहें।
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