इसके अलावा, आयुष्मान भारत नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन मिशन के तहत राज्य में सूचीबद्ध अस्पतालों के लंबित चिकित्सा दावों के निपटारे के लिए केंद्र और राज्य सरकार के साझा प्रयास से 1,200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसमें कुल खर्च का 60 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार वहन करेगी।
वहीं, राज्य सरकार ने राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (NRHM) की योजनाओं के लिए भी 765.05 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इस निधि से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और पहुंच को बढ़ाया जाएगा, ताकि शहरों की तरह ग्रामीण इलाकों में भी किफायती और गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध हो सके।
इस पहल का उद्देश्य केवल गंभीर बीमारियों के इलाज में मदद करना ही नहीं, बल्कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच और समानता को भी सुनिश्चित करना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से गरीब और वंचित परिवारों के लिए आर्थिक बोझ कम होगा और उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी।
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