यह नया एक्सप्रेसवे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) को सीधे गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने का काम करेगा। इससे न केवल माल परिवहन और औद्योगिक आपूर्ति श्रृंखला में तेजी आएगी, बल्कि यात्रियों के आवागमन और निर्यात गतिविधियों में भी सुधार होगा। सरकार का मानना है कि यह परियोजना प्रदेश में निवेश आकर्षण, रोजगार सृजन और औद्योगिक क्लस्टर्स के विकास को नया आयाम देगी।
बजट में एक्सप्रेसवे और औद्योगिक विकास का प्रवधान
अनुपूरक बजट में गंगा एक्सप्रेसवे के लिए बीजीएफ के तहत 1,835 करोड़ रुपये तथा गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस धनराशि से परियोजनाओं में आ रही बाधाओं को दूर किया जाएगा। इसके अलावा, आगरा–लखनऊ एक्सप्रेसवे के 292 किलोमीटर हिस्से में नए जन सुविधा परिसर और वाहन पार्किंग स्थलों के निर्माण के लिए भी निधि रखी गई है।
औद्योगिक निवेश और प्रोत्साहन नीतियों के लिए निधि
औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने त्वरित निवेश प्रोत्साहन नीति 2020 के लिए 75 करोड़ रुपये, विदेशी निवेश एवं फॉर्च्यून-500 कंपनियों के लिए 371.69 करोड़ रुपये, ऑक्सीजन उत्पादन प्रोत्साहन नीति 2021 के लिए 23.03 करोड़ रुपये और औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति 2022 के लिए 823.43 करोड़ रुपये शामिल हैं।
इसके अलावा अवस्थापना और औद्योगिक विकास नीति 2012 के लिए 100 करोड़ रुपये और औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति 2017 के लिए 300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं, हथकरघा क्षेत्र में पीएम मित्र पार्क के संचालन और वृक्षारोपण शुल्क के लिए 85 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
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