इस अतिरिक्त बजट का उद्देश्य राज्य की बढ़ती जरूरतों को पूरा करना और विकास योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाना है। वित्त मंत्री ने बताया कि फरवरी में प्रस्तुत मूल बजट का आकार 8 लाख 8 हजार करोड़ रुपये था। इसके बाद विभिन्न विभागों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए यह अतिरिक्त बजट लाया गया है।
नई परियोजनाओं के लिए 6,127 करोड़ रुपये
अनुपूरक बजट में 6,127.68 करोड़ रुपये पूंजीगत मद के लिए रखे गए हैं, जिनका उपयोग नई परियोजनाओं और स्थायी संपत्तियों के निर्माण में किया जाएगा। इसके अलावा 18,379.30 करोड़ रुपये राजस्व मद में दैनिक खर्चों के लिए प्रस्तावित किए गए हैं।
किन क्षेत्रों पर रहेगा खास फोकस
सरकार ने इस अनुपूरक बजट में कई अहम क्षेत्रों को प्राथमिकता दी है। इनमें औद्योगिक विकास, बिजली क्षेत्र, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, नगर विकास, तकनीकी शिक्षा, महिला एवं बाल कल्याण, चिकित्सा शिक्षा और गन्ना विकास एवं चीनी मिल विभाग शामिल हैं। इन क्षेत्रों में निवेश से रोजगार के अवसर बढ़ने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की उम्मीद है।
विकास को मिलेगी नई रफ्तार
वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि यह अनुपूरक बजट राज्य के समग्र विकास को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इससे नई फैक्ट्रियों की स्थापना, अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों का विस्तार, बिजली परियोजनाओं में सुधार और शहरी विकास कार्यों को गति मिलेगी। साथ ही किसानों को गन्ना मूल्य भुगतान में भी राहत मिलने की संभावना है।
सदन में होगी बहस
अनुपूरक बजट को लेकर विपक्ष ने विस्तृत चर्चा की मांग की है। सदन में मंगलवार से इस प्रस्ताव पर विस्तार से बहस शुरू होगी।
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