कौन-कौन मिलेगा पोषण
छह माह से एक वर्ष तक के शिशुओं को शिशु अमृत, एक से तीन वर्ष तक के बच्चों को शिशु आहार और तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को बाल पुष्टाहार दिया जाएगा। इसके अलावा गर्भवती और धात्री माताओं को संपूर्ण मातृ आहार प्रदान किया जाएगा।
अतिकुपोषित बच्चों के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। छह माह से एक वर्ष तक के अतिकुपोषित बच्चों को आरोग्य पोषण, एक से तीन वर्ष तक के बच्चों को बाल संजीवनी और तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को सक्षम पोषण उपलब्ध कराया जाएगा।
सप्लाई और वितरण व्यवस्था
उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) की 204 उत्पादन इकाइयां 43 जिलों की 288 बाल विकास परियोजनाओं में पुष्टाहार की आपूर्ति सुनिश्चित करेंगी। बाकी जिलों में नैफेड की सेवाओं का उपयोग किया जाएगा।
महिला छात्रावास के लिए भूमि हस्तांतरण
साथ ही प्रदेश सरकार ने आठ कामकाजी महिला छात्रावास निर्माण के लिए भूमि हस्तांतरण का भी निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को बढ़ावा देना है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर रेसिपी आधारित पुष्टाहार का यह कदम बच्चों की पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने और उनके समग्र विकास में मदद करने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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