बिहार में जमीन बंटवारे को लेकर बड़ा अपडेट, पढ़ें तुरंत!

पटना। बिहार के जमीन मालिकों और रैयतों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने पारिवारिक भूमि बंटवारे और दाखिल-खारिज प्रक्रिया को पहले से कहीं ज्यादा आसान, तेज और विवाद मुक्त बनाने के लिए एक नई ऑनलाइन व्यवस्था लागू की है। 

बता दें की अब परिवार के सभी सदस्यों को अपनी-अपनी जमीन के लिए अलग-अलग आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी। एक ही आवेदन से पूरे परिवार की जमीन का दाखिल-खारिज हो सकेगा। यह सुविधा बिहार भूमि पोर्टल पर दाखिल-खारिज सेवा के अंतर्गत शुरू की गई है, जिसका लाभ राज्य के लोग 27 दिसंबर से उठाना शुरू कर सकेंगे।

पहले क्या थी परेशानी?

अब तक पारिवारिक बंटवारे के बाद हर हिस्सेदार को अपनी जमीन के लिए अलग-अलग दाखिल-खारिज आवेदन देना पड़ता था। इस प्रक्रिया में समय अधिक लगता था, बार-बार कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ते थे, कई बार तकनीकी या कागजी त्रुटियों के कारण आवेदन रद्द हो जाते थे, बिचौलियों की भूमिका बढ़ जाती थी। इन समस्याओं के कारण आम लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था।

नई व्यवस्था से क्या होगा फायदा?

उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के निर्देश पर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने इस प्रक्रिया में बड़ा सुधार किया है। विभाग के प्रधान सचिव सी.के. अनिल के नेतृत्व में तकनीकी टीम ने कम समय में यह नई प्रणाली विकसित की है। नई व्यवस्था के तहत पूरे परिवार की जमीन का बंटवारा एक ही ऑनलाइन आवेदन से दर्ज होगा, सभी हिस्सेदारों की जमाबंदी एक साथ अपडेट की जा सकेगी, प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होने से पारदर्शिता बढ़ेगी, बिचौलियों और दलालों की भूमिका लगभग खत्म हो जाएगी।

मौखिक बंटवारे वालों के लिए खास सुविधा

सरकार ने उन लोगों से विशेष अपील की है, जिन्होंने अब तक मौखिक बंटवारा कर रखा है। ऐसे मामलों में जमीन का बंटवारा कागजों में दर्ज नहीं होने के कारण भविष्य में पारिवारिक विवाद, सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी और कानूनी अड़चनें आती हैं। नई व्यवस्था के माध्यम से मौखिक बंटवारे को सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज किया जा सकेगा, जमीन से जुड़े अधिकार स्पष्ट होंगे, भविष्य के विवादों की संभावना कम होगी, 

ऑनलाइन आवेदन और सहायता सुविधा

नागरिक अब बिहार भूमि पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे, अपनी जमीन की जमाबंदी स्थिति आसानी से देख सकेंगे, अगर आवेदन के दौरान किसी प्रकार की तकनीकी समस्या आती है, तो राज्य सरकार द्वारा जारी टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800 345 6215 पर कॉल कर सहायता ली जा सकती है।

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