अनिस्तारित संपत्तियों की बिक्री में सुविधा
राज्य सरकार ने अनिस्तारित संपत्तियों की बिक्री के लिए नियमों को सरल और पारदर्शी बनाया है। अब इन संपत्तियों का मूल्य तय करते समय ब्याज, कंटीजेंसी और ओवरहेड चार्ज को नियमन के तहत रखा जाएगा। इससे पहले साल दर साल बढ़ते ब्याज के कारण कई संपत्तियां बिक नहीं पा रही थीं।
भुगतान पर अतिरिक्त छूट
नई व्यवस्था के अनुसार संपत्ति का पूरा भुगतान करने पर अतिरिक्त छूट भी मिलेगी:
45 दिन में भुगतान पर 6% छूट
60 दिन में भुगतान पर 5% छूट
90 दिन में भुगतान पर 4% छूट
नई संपत्तियों की कीमत निर्धारण
सरकार ने नई संपत्तियों की कीमत निर्धारण के लिए भूमि लागत, आंतरिक और बाहरी विकास लागत, भवन विकास लागत और ब्याज के आधार को तय किया है। अब ब्याज की दर बैंक के एमसीएलआर (MCLR) से केवल 1 प्रतिशत अधिक होगी। इससे भूमि की कीमत में अचानक बढ़ोतरी नहीं होगी।
अतिरिक्त चार्ज में कटौती
कार्नर प्लाट, पार्क फेसिंग और 18 मीटर या उससे अधिक चौड़ी सड़क के किनारे की संपत्तियों पर अतिरिक्त चार्ज घटाकर केवल 5 प्रतिशत कर दिया गया है। इन तीनों स्थितियों के एक साथ होने पर चार्ज 12 प्रतिशत ही लिया जाएगा। कमजोर वर्ग और छोटी श्रेणी के मकानों या प्लॉट पर अतिरिक्त शुल्क 10 प्रतिशत से घटाकर 8 प्रतिशत कर दिया गया है।

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