नई नियमावली की मुख्य बातें
कैबिनेट ने “नवीन ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण (विनिमय के माध्यम से हस्तांतरित भूमि पर भवन निर्माण) नियमावली 2025” को मंजूरी दी। इस नियमावली के लागू होने के बाद नोएडा प्राधिकरण भूमि स्वामियों के नक्शा स्वीकृति के आवेदन सीधे निस्तारित करेगा।
औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' ने बताया कि पुराने नियमावली (2010) के तहत लीड डीड या पट्टा प्रलेख के आधार पर आवंटित भूमि पर मानचित्र स्वीकृति आसान थी। लेकिन विनिमय द्वारा प्राप्त निजी स्वामित्व की भूमि के मामले में आवेदन निस्तारित करने में कठिनाई आ रही थी, जिसके कारण भू-स्वामियों को न्यायालय का सहारा लेना पड़ता था।
भू-स्वामियों के लिए लाभ
नवीन नियमावली के तहत अब एक्सचेंज के आधार पर हस्तांतरित भूमि पर भी नक्शा पास कराने का काम सीधे औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा निपटाया जाएगा। इसका फायदा यह होगा कि:
भू-स्वामी नक्शा पास कराने के लिए कोर्ट नहीं जाएंगे।
समय और मेहनत की बचत होगी।
भूमि स्वामियों के अधिकारों और निवेश में सुविधा बढ़ेगी।

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