बता दें की बिजली कंपनी ने मशरूम किसानों को सामान्य कृषि उपभोक्ता की श्रेणी में लाकर सस्ती बिजली देने का प्रस्ताव बिहार विद्युत विनियामक आयोग को भेजा है। यदि आयोग से मंजूरी मिल जाती है, तो 1 अप्रैल से किसानों को बेहद कम दर पर बिजली मिलने लगेगी।
अभी कैसी है बिजली की व्यवस्था?
फिलहाल मशरूम उत्पादक किसानों को गैर-घरेलू (व्यावसायिक) उपभोक्ता माना जाता है, जिसके कारण उन्हें अपेक्षाकृत अधिक बिजली बिल चुकाना पड़ता है। ग्रामीण क्षेत्रों में 1 से 100 यूनिट तक खपत पर लगभग 3.35 रुपये प्रति यूनिट और इससे अधिक खपत पर करीब 4.21 रुपये प्रति यूनिट देना पड़ता है। जबकि शहरी क्षेत्रों में 5 किलोवाट तक के कनेक्शन पर लगभग 5.67 रुपये प्रति यूनिट की दर लागू है।
वहीं, 5 से 70 किलोवाट तक के कनेक्शन पर 100 यूनिट तक 5.67 रुपये और उससे अधिक खपत पर करीब 6.44 रुपये प्रति यूनिट का भुगतान करना होता है। इन दरों के कारण मशरूम उत्पादन की लागत बढ़ जाती थी, जिससे छोटे और मध्यम किसानों को खासा आर्थिक बोझ उठाना पड़ता था।
क्या है नया प्रस्ताव?
बिजली कंपनी के नए प्रस्ताव के अनुसार, मशरूम की खेती करने वाले किसानों को अब सामान्य किसानों की तरह बिजली दी जाएगी। इसका मतलब है कि उन्हें केवल 55 पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली बिल चुकाना होगा। यह दर मौजूदा दरों की तुलना में कई गुना कम है और किसानों के लिए बड़ी राहत साबित होगी।
किसानों को क्या होगा फायदा?
इस फैसले से मशरूम किसानों को कई स्तर पर लाभ मिलेगा। उत्पादन लागत में भारी कमी आएगी, मुनाफा बढ़ेगा और खेती आर्थिक रूप से अधिक लाभकारी बनेगी, नए किसान भी मशरूम की खेती की ओर आकर्षित होंगे, राज्य में मशरूम उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। मशरूम की खेती कम जमीन में और कम समय में अच्छी आमदनी देने वाली मानी जाती है। सस्ती बिजली मिलने से यह विकल्प और भी मजबूत हो जाएगा।

0 comments:
Post a Comment