अब नए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पर होगा फोकस
अब तक इस रूट पर मौजूदा राष्ट्रीय राजमार्गों को हाई स्पीड कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की योजना पर काम चल रहा था। लेकिन राज्य सरकार ने नई रणनीति अपनाते हुए पूरी तरह नया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे विकसित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का मतलब ऐसी नई सड़क से है, जिसे मौजूदा मार्गों के बजाय नए रूट पर आधुनिक मानकों के अनुसार तैयार किया जाएगा। इससे यात्रा अधिक सुरक्षित, तेज और सुगम होने की संभावना है।
कई जिलों को मिलेगा सीधा लाभ
यह एक्सप्रेसवे बनने से बक्सर और भागलपुर के बीच आने वाले कई जिलों को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकती है। प्रारंभिक प्रस्तावों में जिन क्षेत्रों का उल्लेख रहा है, उनमें शामिल हैं बक्सर, अरवल, जहानाबाद, बिहारशरीफ (नालंदा), पटना (यदि अंतिम रूट में शामिल किया गया), मुंगेर, भागलपुर। अंतिम रूट का निर्धारण विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार होने के बाद किया जाएगा।
डीपीआर के बाद तय होगा मार्ग
बिहार सड़क विकास निगम लिमिटेड (BSRDCL) ने इस परियोजना के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। दूसरी ओर, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) भी इसी कॉरिडोर को लेकर तकनीकी अध्ययन करा रहा है। डीपीआर तैयार होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि एक्सप्रेसवे गंगा के उत्तर से बनेगा या दक्षिणी हिस्से से होकर गुजरेगा। इसके आधार पर प्रभावित जिलों और भूमि अधिग्रहण की दिशा भी तय होगी।
हाई स्पीड यात्रा को मिलेगा बढ़ावा
नई परियोजना का उद्देश्य केवल सड़क बनाना नहीं, बल्कि राज्य में तेज रफ्तार और नियंत्रित यातायात वाला आधुनिक परिवहन नेटवर्क विकसित करना है। एक्सप्रेसवे बनने के बाद लंबी दूरी तय करने वाले यात्रियों, मालवाहक वाहनों और औद्योगिक गतिविधियों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। इससे परिवहन लागत कम होगी और विभिन्न शहरों के बीच यात्रा का समय भी घट सकता है।
केंद्र और राज्य दोनों स्तर पर चल रही तैयारी
केंद्र सरकार पहले से बक्सर-भागलपुर हाई स्पीड कॉरिडोर परियोजना पर काम कर रही है। वहीं, बिहार सरकार ने अब इसी मार्ग पर अपने स्तर से नया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे विकसित करने की दिशा में पहल की है। यह कदम राज्य की उस रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके तहत महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए राज्य स्वयं भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
आर्थिक विकास को मिल सकती है नई रफ्तार
विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक एक्सप्रेसवे बनने से औद्योगिक निवेश, व्यापार, कृषि उत्पादों के परिवहन और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। बेहतर सड़क संपर्क से नए औद्योगिक और लॉजिस्टिक हब विकसित होने की संभावनाएं भी मजबूत होंगी। इसके साथ ही राज्य के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों के बीच आवागमन पहले की तुलना में अधिक आसान और तेज हो सकेगा।

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