8 महीने बाद भी 8वें वेतन आयोग का इंतजार, कर्मचारियों और पेंशनर्स की बढ़ी बेचैनी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स की निगाहें इस समय 8वें वेतन आयोग पर टिकी हुई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में जनवरी 2025 में 8वें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दी गई थी, जबकि आयोग का औपचारिक गठन 3 नवंबर 2025 को हुआ। अब आयोग को बने करीब 8 महीने हो चुके हैं, लेकिन वेतन और पेंशन में बढ़ोतरी को लेकर अंतिम फैसला अभी सामने नहीं आया है। ऐसे में कर्मचारियों और सेवानिवृत्त पेंशनर्स के बीच उत्सुकता लगातार बढ़ रही है।

आयोग के पास अभी भी है पर्याप्त समय

केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग को अपनी सिफारिशें तैयार करने के लिए कुल 18 महीने का समय दिया है। इसका मतलब है कि आयोग के पास अभी भी लगभग 10 महीने का समय शेष है। इस दौरान आयोग विभिन्न पक्षों से सुझाव लेकर अपनी अंतिम रिपोर्ट तैयार करेगा, जिसके आधार पर सरकार आगे का निर्णय लेगी।

देश के कई शहरों में हुईं बैठकें

आयोग ने अप्रैल 2026 से विभिन्न शहरों में बैठकों का सिलसिला शुरू किया। दिल्ली, हैदराबाद, लखनऊ और हाल ही में कोलकाता में कर्मचारियों, पेंशनर्स और उनके संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा की गई। इन बैठकों का उद्देश्य अलग-अलग वर्गों की मांगों, सुझावों और अपेक्षाओं को समझना है ताकि रिपोर्ट तैयार करते समय सभी पहलुओं को शामिल किया जा सके।

फिटमेंट फैक्टर को लेकर बढ़ी उम्मीदें

सरकारी कर्मचारियों के बीच सबसे अधिक चर्चा फिटमेंट फैक्टर को लेकर है। कई कर्मचारी संगठनों का मानना है कि नया फिटमेंट फैक्टर 3.68 से 3.83 के बीच तय किया जा सकता है। हालांकि, अभी तक आयोग या सरकार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। अंतिम निर्णय आयोग की सिफारिशों और सरकार की स्वीकृति के बाद ही होगा।

सरकार के सामने कब आएगी रिपोर्ट?

मौजूदा प्रक्रिया को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि आयोग अपनी अंतिम रिपोर्ट वर्ष 2027 के अंत तक केंद्र सरकार को सौंप सकता है। रिपोर्ट मिलने के बाद सरकार उसकी समीक्षा करेगी और यह तय करेगी कि किन सिफारिशों को स्वीकार किया जाए, फिटमेंट फैक्टर कितना रखा जाए और नई वेतन एवं पेंशन व्यवस्था कब से लागू की जाए।

क्या मिलेगा एरियर?

कई कर्मचारी और पेंशनर्स यह उम्मीद कर रहे हैं कि यदि सरकार 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों को 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानती है, तो उन्हें बकाया राशि (एरियर) का भी लाभ मिल सकता है। यदि लागू करने में देरी होती है लेकिन प्रभावी तिथि 1 जनवरी 2026 ही रखी जाती है, तो कर्मचारियों और पेंशनर्स को कई महीनों का एरियर एक साथ मिलने की संभावना बन सकती है।

अभी इंतजार जारी

गौरतलब है कि 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो चुका है। ऐसे में अब सभी की नजरें 8वें वेतन आयोग की अंतिम सिफारिशों और केंद्र सरकार के फैसले पर टिकी हैं। फिलहाल आयोग विभिन्न हितधारकों से सुझाव एकत्र कर रहा है और अगले कुछ महीनों में इसी आधार पर अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगा। कर्मचारियों और पेंशनर्स को वेतन और पेंशन में संभावित बढ़ोतरी के लिए अभी कुछ और समय इंतजार करना पड़ सकता है।

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