फिटमेंट फैक्टर से तय होगी नई बेसिक सैलरी
वेतन आयोग में कर्मचारियों की नई सैलरी तय करने का सबसे अहम आधार फिटमेंट फैक्टर होता है। मौजूदा समय में 1.92, 2.28 और 2.57 जैसे संभावित फिटमेंट फैक्टर पर चर्चा चल रही है। कर्मचारी संगठनों की मांग इससे भी अधिक फिटमेंट फैक्टर की है, लेकिन अंतिम फैसला केंद्र सरकार ही करेगी।
लेवल-1 के कर्मचारियों को कितना मिल सकता है वेतन?
लेवल-1 में आने वाले कर्मचारियों की मौजूदा बेसिक सैलरी 18 हजार रुपये है। यदि 1.92 फिटमेंट फैक्टर लागू होता है तो यह बढ़कर करीब 34,560 रुपये हो सकती है। वहीं 2.28 फिटमेंट फैक्टर पर यह लगभग 41,040 रुपये और 2.57 फिटमेंट फैक्टर लागू होने पर करीब 46,260 रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।
लेवल-2 से लेवल-5 तक कितना हो सकता है फायदा?
लेवल-2 की वर्तमान बेसिक सैलरी 19,900 रुपये है, जो अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर के अनुसार लगभग 38 हजार से 51 हजार रुपये के बीच पहुंच सकती है।
लेवल-3 के कर्मचारियों की बेसिक सैलरी 21,700 रुपये से बढ़कर लगभग 41 हजार से 55 हजार रुपये तक हो सकती है।
लेवल-4 में मौजूदा 25,500 रुपये की बेसिक सैलरी संभावित रूप से 48 हजार से 65 हजार रुपये के बीच पहुंच सकती है।
वहीं लेवल-5 के कर्मचारियों की 29,200 रुपये की मौजूदा बेसिक सैलरी बढ़कर लगभग 56 हजार से 75 हजार रुपये तक पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है।
लेवल-6 से लेवल-10 तक कर्मचारियों को कितना लाभ मिल सकता है?
लेवल-6 में कार्यरत कर्मचारियों की बेसिक सैलरी 35,400 रुपये से बढ़कर करीब 68 हजार से 91 हजार रुपये तक हो सकती है।
लेवल-7 के कर्मचारियों का वर्तमान बेसिक वेतन 44,900 रुपये है। संभावित गणना के अनुसार यह 86 हजार रुपये से लेकर 1.15 लाख रुपये तक पहुंच सकता है।
लेवल-8 में मौजूदा 47,600 रुपये की बेसिक सैलरी बढ़कर लगभग 91 हजार रुपये से 1.22 लाख रुपये तक हो सकती है।
लेवल-9 के कर्मचारियों का बेसिक वेतन 53,100 रुपये से बढ़कर करीब 1.02 लाख से 1.36 लाख रुपये तक पहुंच सकता है।
वहीं लेवल-10 के अधिकारियों की मौजूदा बेसिक सैलरी 56,100 रुपये है, जो संभावित फिटमेंट फैक्टर के अनुसार बढ़कर लगभग 1.08 लाख रुपये से 1.44 लाख रुपये तक हो सकती है।
केवल बेसिक सैलरी ही नहीं, भत्तों में भी होगा इजाफा
नई बेसिक सैलरी लागू होने के बाद कर्मचारियों के कई अन्य भत्तों में भी बढ़ोतरी होने की संभावना है। मकान किराया भत्ता (HRA), यात्रा भत्ता (TA) और अन्य भत्ते बेसिक वेतन के आधार पर तय होते हैं, इसलिए इनके बढ़ने से कर्मचारियों की कुल मासिक आय में भी बड़ा अंतर देखने को मिल सकता है। वहीं 8वां वेतन आयोग लागू होने के बाद महंगाई भत्ता (DA) नई व्यवस्था के तहत दोबारा शून्य से शुरू किया जा सकता है और इसके बाद समय-समय पर इसमें वृद्धि की जाएगी।
अभी आधिकारिक घोषणा का इंतजार
फिलहाल यह सभी आंकड़े संभावित फिटमेंट फैक्टर के आधार पर लगाए गए अनुमान हैं। केंद्र सरकार ने अभी 8वें वेतन आयोग के तहत नया फिटमेंट फैक्टर या संशोधित वेतनमान घोषित नहीं किया है। ऐसे में कर्मचारियों की वास्तविक सैलरी कितनी बढ़ेगी, इसका अंतिम फैसला सरकार की आधिकारिक घोषणा और आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
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