15 अगस्त तक सर्वे पूरा करने का लक्ष्य
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि विशेष भूमि सर्वेक्षण का कार्य 15 अगस्त तक निर्धारित लक्ष्य के अनुसार पूरा किया जाए। विभाग का कहना है कि समयसीमा का पालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए सभी संबंधित अधिकारियों को व्यक्तिगत जिम्मेदारी के साथ कार्य करने को कहा गया है।
31 जुलाई तक पूरे होंगे लंबित काम
सर्वेक्षण प्रक्रिया को समय पर पूरा करने के लिए विभाग ने पहले चरण में 31 जुलाई तक सभी लंबित प्रक्रियाओं और तकनीकी कार्यों को पूरा करने का निर्देश दिया है। इसमें रिकॉर्ड से जुड़े कार्य, आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन और सर्वेक्षण से संबंधित बाकी औपचारिकताएं शामिल हैं। इन प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद अंतिम चरण का सर्वेक्षण तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।
इन जिलों में हुई विशेष समीक्षा
भूमि सर्वेक्षण की प्रगति की समीक्षा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की गई। इस दौरान जिन जिलों की विशेष रूप से समीक्षा हुई, उनमें शामिल हैं अरवल, जहानाबाद, शेखपुरा, लखीसराय, शिवहर। इन जिलों के अधिकारियों को सर्वेक्षण कार्य में तेजी लाने और निर्धारित समयसीमा का पालन करने के निर्देश दिए गए।
रोजाना होगी कार्यों की निगरानी
विभाग ने स्पष्ट किया है कि अब सर्वेक्षण कार्यों की नियमित निगरानी की जाएगी। यदि किसी क्षेत्र में तकनीकी या प्रशासनिक समस्या सामने आती है तो उसका तुरंत समाधान किया जाएगा, ताकि काम की रफ्तार प्रभावित न हो। अधिकारियों को फील्ड स्तर पर लगातार सक्रिय रहने और हर दिन प्रगति की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं।
जमीन मालिकों के लिए क्यों है महत्वपूर्ण?
भूमि सर्वेक्षण का उद्देश्य जमीन से जुड़े रिकॉर्ड को अद्यतन और अधिक सटीक बनाना है। सर्वे पूरा होने के बाद भूमि अभिलेखों में पारदर्शिता बढ़ने, सीमांकन से जुड़े विवाद कम होने और भविष्य में जमीन से संबंधित प्रक्रियाओं को आसान बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। इसलिए जिन क्षेत्रों में सर्वेक्षण चल रहा है, वहां के जमीन मालिकों को सर्वे टीम के साथ आवश्यक सहयोग करना चाहिए और जरूरत पड़ने पर संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने चाहिए।
सरकार का फोकस समय पर काम पूरा करने पर
राज्य सरकार चाहती है कि विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त कार्यक्रम तय समय के भीतर पूरा हो। इसी कारण अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि कार्य में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं होगी और सभी चरणों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करना अनिवार्य होगा।

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