न्यूज डेस्क: कोरोना संकट के बढ़ते मामले देखते हुए मध्यप्रदेश के 4 जिलों में 3 मई के बाद लॉकडाउन खुलने की स्थिति नहीं दिख रही। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इंटरव्यू में कहा कि आधा मध्यप्रदेश कोरोना के संक्रमण से मुक्त हो गया है। लेकिन, कुछ जिले ऐसे हैं, जहां एक-दो केस आ रहे है, लेकिन भोपाल, इंदौर, उज्जैन और खरगोन की स्थिति देखकर नहीं लगता कि 3 मई को यहां से लॉकडाउन हटा पाएंगे। वहीं इसके पहले इंदौर में बढ़ रहे कोरोना के संक्रमित को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय की टीम ने इंदौर का जायजा लिया।
मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार इंदौर में लॉकडाउन का उल्लंघन हो रहा है। इस से कोरोना और फैल सकता है।कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए देशभर में 3 मई तक लॉकडाउन किया गया है। लेकिन इंदौर में लगातार नए पॉजिटिव मरीज सामने आने और मृतक संख्या बढ़ने पर मंत्रालयल की टीम ने भी चिंता जाहीर की है। हालांकि मंत्रालय की टीम ने कहा कि प्रशासन चुस्त-दुरस्त काम कर रहा है।
लेकिन देशभर में इंदौर कोरोना महामारी फैलने के मामले में तीसरे स्थान होने के चलते केन्द्रीय मंत्रालय ने प्रशासन को चेताया भी है। साथ ही सख्ती और बढ़ाने का निर्देश दिया है, जिससे की लॉकडाउन का पालन किया जा सके। कोरोना महामारी का संकट अभी प्रदेश के रेड जोन इलाके इंदौर, भोपाल, उज्जैन, जबलपुर, बड़वानी, खरगोन, मुरैना से कम होने का नाम नहीं ले रहा है। जिसके चलते अब कारोबारियों की समस्या भी बढ़ती जा रही है।
लेकिन केन्द्रीय टीम के जायजे के बाद इंदौर की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए कहा जा रहा है कि - 3 मई के बाद भी इंदौर से लॉकडाउन में कोई राहत मिलने के आसार नहीं है। हालांकि इंदौरवासियों को इस दौरान दवा, जरूरी सामान की आपूर्ति को और बेहतर ढ़ग से करने की तैयारी की जा रही है।
कोरोना महामारी को कंट्रोल करने के लिए इंदौर में हर दिन सख्ती बढ़ती जा रही, लेकिन लोग लॉकडाउन का उल्लंघन करने में बाज नहीं आ रहें। जिससे कोरोना के संक्रमण को रोकने में कठिनाई हो रही। हालांकि जोनवार निगरानी रखने के लिए अलग-अलग टीम गठित की गई है, इसके बावजूद लोग किसी ना किसी बहाने घर से बाहर निकल रहें, पकड़े जाने पर दवा लेने का बहाना बना रहें। जिसके चलते अब स्थिति और गंभीर होने के संकेत मिल रहे हैं।

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