दूसरे चरण में पटना, मुजफ्फरपुर, गया, भागलपुर, कैमूर, बक्सर, वैशाली, रोहतास, भोजपुर, सारण, दरभंगा, औरंगाबाद, सीवान, गोपालगंज, पूर्वी चंपारण, मधुबनी, समस्तीपुर व नवादा में जमीन सर्वे का काम शुरू किया गया हैं। वहीं 20 जिलों में पहले चरण का सर्वे किया दो साल से चल रहा है।
पटना सहित 18 जिलों में कैंप लगाकर जमीन सर्वे शुरू, होंगे 10 बड़े फायदे?
1 .सभी व्यक्ति का नया खतियान बनाया जायेगा।
2 .जमीनों का सर्वे होने के बाद भूमि विवाद को निपटाने में मदद मिलेगी।
3 .जमीन किस प्रकार की हैं और किसकी हैं ऑनलाइन जानकारी मिल जाएगी।
4 .जमीन की खरीद बिक्री पर खतियान अपडेट होता रहेगा।
5 .जमीन का डिजटल नक्शा बनेगा।
6 .जीवित रैयत के नाम से जमीन का खतियान होगा।
7 .जमीन के दस्तावेज पक्के होंगे और जमीन विवाद भी खत्म होगा।
8 .सरकारी जमीन की पहचान की जाएगी।
9 .सर्वे के बाद कोई जमीन पर कब्ज़ा नहीं कर सकेगा।
10 .जमीन सर्वे के बाद आपराधिक घटनाओं में कमी आएगी।
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