ज्योतिष की मानें तो अमावस्या के दिन सूर्य ग्रहण के लगने से 12 घंटे पहले ही सूतक काल लग जाता है और इस सूतक काल को ग्रहण के दौरान सबसे अशुभ समय माना जाता है। इस दौरान लोगों को किसी भी तरह का कोई भी शुभ काम नहीं करनी चाहिए।
कब लगेगा सूतक काल: 20 अप्रैल यानि की आज लगने वाला ये सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। जिसके कारण गांधीनगर-सूरत सहित गुजरात में सूतक काल मान्य नहीं होगा। इसलिए इस सूर्य ग्रहण का प्रभाव भारत के किसी भी इलाके में देखने को नहीं मिलेगा।
कहां दिखेगा ग्रहण : साल का ये पहला सूर्य ग्रहण पूर्व और दक्षिण एशिया, आस्ट्रेलिया, प्रशांत महासागर, हिंद महासागर और अंटार्कटिका से दिखाई देगा। साथ ही साथ यह सूर्य ग्रहण हिंद और प्रशांत महासागर में भी कुछ सेकेंड के लिए दिखाई देगा।

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