पुराने नियमों में छूट अब खत्म
पहले भट्ठा संचालकों को दो मीटर तक मिट्टी खनन करने पर एनओसी लेने की आवश्यकता नहीं थी। यह छूट मई 2020 में दी गई थी, जिससे भट्ठा संचालकों को काफी आसानी हुई। लेकिन इस छूट को न्यायालय में चुनौती मिलने के बाद अब इसे समाप्त कर दिया गया है। प्रदेश सरकार का कहना है कि बिना एनओसी मिट्टी उठाने पर भट्ठा संचालक न केवल जुर्माने के दायरे में आएंगे बल्कि उनके भट्ठे भी बंद किए जा सकते हैं।
कितने भट्ठे प्रभावित होंगे
प्रदेश में करीब 22 हजार ईंट भट्ठा संचालक हैं। अब इन सभी को मिट्टी खनन से पहले एनओसी प्राप्त करना अनिवार्य होगा। इस निर्णय का उद्देश्य पर्यावरण की सुरक्षा, जल-संरचनाओं और तालाब, नदियों के पास मिट्टी के अनियंत्रित खनन को रोकना है।
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
भट्ठा संचालकों को अब एनओसी के लिए पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ उन्हें खनन स्थल के कागजात और खनन का विस्तृत प्लान जमा करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा उन्हें यह भी स्पष्ट करना होगा कि खनन के दौरान प्रदूषण और पर्यावरणीय नुकसान को रोकने के लिए कौन-कौन से उपाय किए जाएंगे। आदेश में कहा गया है कि सभी मंडलायुक्त और जिलाधिकारी इस नियम के कड़ाई से पालन को सुनिश्चित करेंगे।

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