जानकारी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025–26 में परिवहन विभाग को पहले ही 1550.53 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया था। अब बढ़ती जरूरतों को देखते हुए 50.01 करोड़ रुपये का अनुपूरक अनुदान जोड़ा गया है। इसके बाद विभाग का कुल बजट बढ़कर 1600.54 करोड़ रुपये हो जाएगा।
ई-वाहनों पर फोकस, आम लोगों को राहत
अतिरिक्त बजट में से लगभग 50 करोड़ रुपये केवल इलेक्ट्रिक वाहनों पर सब्सिडी देने के लिए तय किए गए हैं। इससे ई-स्कूटर, ई-रिक्शा और इलेक्ट्रिक कार खरीदने वालों को आर्थिक राहत मिलेगी। सरकार का मानना है कि सब्सिडी मिलने से ज्यादा से ज्यादा लोग इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर आकर्षित होंगे, जिससे प्रदूषण कम होगा और ईंधन पर निर्भरता घटेगी।
बुनियादी ढांचे पर भी ध्यान
इस बजट में परिवहन आयुक्त कार्यालय के ब्लॉक-ए में दूसरे तल के निर्माण के लिए एक लाख रुपये की प्रतीक राशि भी रखी गई है। इससे विभागीय सुविधाओं के विस्तार की दिशा में भी काम किया जाएगा।
सरकारी खजाने पर नहीं पड़ेगा बोझ
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह अतिरिक्त खर्च विभाग के बजट में होने वाली बचत से पूरा किया जाएगा। इससे राज्य के खजाने पर कोई नया वित्तीय दबाव नहीं आएगा। योगी सरकार का यह कदम न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि आम नागरिकों को सस्ती और टिकाऊ परिवहन सुविधा देने की ओर भी एक मजबूत प्रयास माना जा रहा है।
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