टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स क्या करेगी
साझेदारी के तहत टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और ROHM मिलकर Nch 100V, 300A Si MOSFET चिप्स को भारत में असेंबल और टेस्ट करेंगे। ये चिप्स खास तौर पर वाहनों के लिए बनाए जाते हैं और 2026 तक बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना के तहत दोनों कंपनियां भारत और वैश्विक बाजारों के लिए सेमीकंडक्टर तैयार करेंगी। टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स अपनी तकनीक और फैक्ट्री सुविधाओं का इस्तेमाल ROHM की तकनीक के साथ मिलाकर पावर सेमीकंडक्टर का मजबूत ढांचा बनाएगी।
कंपनी की प्रतिक्रिया
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने साझा किया कि यह साझेदारी दोनों कंपनियों की विशेषज्ञता को जोड़कर नए व्यापार अवसर पैदा करेगी। साथ ही, यह जापान और भारत के सेमीकंडक्टर उद्योगों के बीच संबंधों को भी मजबूत करेगी। कंपनी भविष्य में और उन्नत पैकेजिंग तकनीक विकसित करने पर भी विचार कर रही है।
जापानी कंपनी की बात
ROHM के बोर्ड सदस्य डॉ. काज़ुहिदे इनो ने कहा कि इस साझेदारी से भारत में उनका उत्पाद पोर्टफोलियो बढ़ेगा और क्षेत्रीय सप्लाई चेन मजबूत होगी। इसके जरिए भारतीय ग्राहकों की बढ़ती मांग को पूरा करना आसान होगा।
चिप्स कहां बनेंगे
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स गुजरात के धोलेरा में भारत की पहली कमर्शियल फैब बना रही है, जिसमें 11 अरब डॉलर का निवेश किया जाएगा। इसके अलावा, असम के जगरोड में भारत की पहली स्वदेशी OSAT फैसिलिटी भी तैयार की जा रही है, जिसमें 3 अरब डॉलर का निवेश होगा। ये दोनों केंद्र ऑटोमोटिव, मोबाइल, IoT, AI, रक्षा और एयरोस्पेस जैसे क्षेत्रों के लिए चिप्स का उत्पादन और टेस्टिंग करेंगे।
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