पंचायत से जिला स्तर तक बनेगी व्यवस्था
नए नियमों के अनुसार, राज्य सरकारों को ग्राम पंचायत, ब्लॉक और जिला स्तर पर शिकायत निवारण की व्यवस्था करनी होगी। हर स्तर पर नियुक्त अधिकारी शिकायत प्राप्त करने, उसका रिकॉर्ड रखने, जांच करने और समाधान की जिम्मेदारी संभालेंगे। जिला स्तर पर जिला कार्यक्रम समन्वयक पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे।
ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों शिकायत
ग्रामीण नागरिक अपनी शिकायत कई माध्यमों से दर्ज करा सकेंगे। इसके लिए संबंधित अधिकारी के पास सीधे जाकर, स्पीड पोस्ट, केंद्र सरकार के डिजिटल प्लेटफॉर्म, टेलीफोन हेल्पलाइन या राज्य सरकार की ओर से तय अन्य माध्यमों का इस्तेमाल किया जा सकेगा। यदि शिकायत ऑफलाइन मिलती है, तो संबंधित अधिकारी को उसे उसी दिन डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्ज करना होगा। ऐसा संभव नहीं होने पर अगले कार्यदिवस में उसकी ऑनलाइन एंट्री करनी होगी।
शिकायत दर्ज होने पर मिलेगा रजिस्ट्रेशन नंबर
नियमों के तहत शिकायत मिलने के बाद आवेदक को पावती देना अनिवार्य होगा। इसमें शिकायत का रजिस्ट्रेशन नंबर, प्राप्ति की तारीख और संबंधित अधिकारी का पद दर्ज रहेगा। ऑनलाइन शिकायत करने वालों को इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से और ऑफलाइन आवेदन करने वालों को लिखित पावती मिलेगी।
खास बात यह है कि शिकायत के प्रारूप में कमी, भाषा या आवेदन की प्रक्रिया से जुड़ी किसी त्रुटि के आधार पर शिकायत दर्ज करने से इनकार नहीं किया जा सकेगा। इस व्यवस्था से ग्रामीण रोजगार योजना के लाभार्थियों और आम नागरिकों को अपनी समस्याएं रखने तथा उनका समयबद्ध समाधान पाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

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