यूपी सरकार की नई पहल, किसानों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी, उठाएं लाभ

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए कमाई का एक नया रास्ता खुलने जा रहा है। अब किसान पारंपरिक खेती के साथ तालाब में मोती उत्पादन करके भी अपनी आमदनी बढ़ा सकेंगे। इसके लिए प्रदेश सरकार की मोती संवर्धन योजना के तहत गोरखपुर में तैयारियां की जा रही हैं। जिले में योजना के संचालन के लिए 18 लाख रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। इसका उद्देश्य किसानों को मोती उत्पादन की वैज्ञानिक तकनीक से जोड़ना और ग्रामीण इलाकों में रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।

गोरखपुर में 18 लाख रुपये का बजट

योजना के लिए गोरखपुर में 18 लाख रुपये निर्धारित किए गए हैं। फिलहाल विभाग को शासन से धनराशि मिलने का इंतजार है। बजट उपलब्ध होने के बाद लाभार्थियों का लक्ष्य तय कर आवेदन प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। मत्स्य विभाग अधिक से अधिक किसानों को इस योजना से जोड़ने के लिए जागरूकता बढ़ाने की तैयारी में है।

किसानों को दिया जा चुका है प्रशिक्षण

मोती उत्पादन की जानकारी देने के लिए सितंबर 2026 में गोरखपुर मंडल के 15 किसानों को प्रशिक्षण दिया गया था। चरगावां स्थित कृषि भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने सीप का चयन, उसमें न्यूक्लियस प्रत्यारोपित करने और तालाब के रखरखाव की वैज्ञानिक विधि समझाई।

अपनी क्षमता के अनुसार लगा सकेंगे इकाई

योजना के तहत किसान तीन तरह की उत्पादन इकाइयां स्थापित कर सकेंगे। इनमें 2,000 सीप क्षमता वाली इकाई की अनुमानित लागत 1.50 लाख रुपये, 5,000 सीप वाली इकाई की लागत 3.50 लाख रुपये और 15,000 सीप क्षमता वाली इकाई की लागत 10 लाख रुपये रखी गई है। इससे किसान अपने संसाधनों और तालाब की क्षमता के अनुसार विकल्प चुन सकेंगे।

पूरे प्रदेश के लिए 3 करोड़ रुपये का प्रावधान

वित्तीय वर्ष 2026-27 में उत्तर प्रदेश सरकार ने मोती संवर्धन योजना के लिए कुल 3 करोड़ रुपये का बजट रखा है। योजना के तहत लाभार्थियों का चयन जिला स्तर पर गठित समिति करेगी और आवेदन विभागीय पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन लिए जाएंगे। सरकार की इस पहल से कम उपयोग में आने वाले जल स्रोतों का बेहतर इस्तेमाल हो सकेगा और किसानों को खेती के अलावा कमाई का एक अतिरिक्त जरिया मिल सकता है।

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