1. हर गांव में बनेगी दुग्ध उत्पादक समिति
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के प्रत्येक गांव में दुग्ध उत्पादक सहयोग समिति बनाने की दिशा में काम होगा। अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच 4,804 नई समितियां गठित की गई हैं। इसके साथ बिहार में सक्रिय समितियों की संख्या बढ़कर 33,897 हो गई है। फिलहाल रोजाना 23.90 लाख किलो दूध का संग्रह किया जा रहा है। सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में इसे बढ़ाकर प्रतिदिन 50 लाख लीटर करने का लक्ष्य रखा है।
2. बिहार में खुलेंगे 100 फ्रेश कैच कियोस्क
मछली कारोबार को बढ़ावा देने के लिए राज्य में 100 'फ्रेश कैच कियोस्क' स्थापित किए जाएंगे। यहां बिहार की ताजी मछलियां 'फ्रेश कैच' ब्रांड के नाम से बेची जाएंगी। मुख्यमंत्री ने पटना में सुधा कैफेटेरिया, तरकारी दुकान और फ्रेश कैच कियोस्क का उद्घाटन भी किया। इसके अलावा बक्सर से सिलीगुड़ी के लिए मछली पहुंचाने वाले वाहन को रवाना किया गया।
3. किसानों को मिलेगी यूनिक फार्मर आईडी
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को किसानों की यूनिक फार्मर आईडी तैयार कराने का निर्देश दिया। इसके माध्यम से दूध की गुणवत्ता, फैट और एसएनएफ की मात्रा के साथ भुगतान की डिजिटल निगरानी की जा सकेगी। वहीं, दूध संग्रहण और परिवहन व्यवस्था पर नजर रखने के लिए पटना में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर शुरू किया गया है।
4. 8,053 पंचायतों में खुलेंगे जीविका-सुधा बिक्री केंद्र
महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए सरकार ने 3,200 'सुधा सखी' तैयार करने का लक्ष्य रखा है। जीविका के सहयोग से 31 मार्च 2027 तक बिहार की सभी 8,053 पंचायतों में जीविका-सुधा बिक्री केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा पशु औषधि बिक्री केंद्रों के संचालन में भी महिलाओं को प्रोत्साहित किया जाएगा।
1.06 लाख से अधिक लाभार्थियों के खाते में भेजे गए 68.51 करोड़ रुपये
कार्यक्रम के दौरान डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए 5,832 दुग्ध उत्पादक समितियों से जुड़े 1,06,063 लाभार्थियों के बैंक खातों में कुल 68,51,27,060 रुपये भेजे गए। यह भुगतान 1,46,66,061 लीटर दूध की आपूर्ति के बदले किया गया। पशुपालकों की शिकायतों के समाधान के लिए 'सुधा संपर्क' कॉल सेंटर भी शुरू किया गया है, जिसका टोल फ्री नंबर 18003456199 है।

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