बिहार सरकार की शानदार योजना, बेटियों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार सरकार बेटियों की शिक्षा और बेहतर भविष्य को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना चला रही है। इस योजना के तहत बच्चियों के जन्म से लेकर उनकी पढ़ाई के अलग-अलग पड़ावों पर आर्थिक सहायता दी जाती है। इसका उद्देश्य बाल विवाह जैसी कुरीतियों को रोकना, कन्या भ्रूण हत्या पर अंकुश लगाना और लड़कियों को शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना है।

जन्म से पढ़ाई तक मिलती है सहायता

मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना की शुरुआत वर्ष 2018-19 में हुई थी। इसके तहत एक परिवार की अधिकतम दो बेटियों को लाभ दिया जा सकता है। बच्ची के जन्म पर 2,000 रुपये, एक साल की उम्र और आधार पंजीकरण के बाद 1,000 रुपये तथा दो साल की उम्र में पूर्ण टीकाकरण होने पर 2,000 रुपये दिए जाते हैं।

इसके अलावा छात्राओं को सेनेटरी नैपकिन के लिए सालाना 300 रुपये की सहायता मिलती है। स्कूल की पढ़ाई, ड्रेस, इंटरमीडिएट और स्नातक स्तर पर भी निर्धारित नियमों के अनुसार अलग-अलग राशि दी जाती है। दिए गए विवरण के मुताबिक, जन्म से लेकर पढ़ाई तक कुल सहायता करीब 50 हजार रुपये तक हो सकती है।

कौन ले सकता है योजना का लाभ?

इस योजना के लिए बच्ची का बिहार का मूल निवासी होना जरूरी है। एक परिवार की अधिकतम दो बेटियां ही पात्र हैं। साथ ही बेटी के नाम पर आधार से जुड़ा बैंक खाता होना चाहिए, ताकि सहायता राशि सीधे खाते में भेजी जा सके।

कैसे करें आवेदन?

बच्ची के जन्म से लेकर शुरुआती उम्र तक मिलने वाली सहायता के लिए आंगनबाड़ी केंद्र से संपर्क किया जा सकता है। स्कूल स्तर पर लाभ लेने के लिए संबंधित विद्यालय में नामांकन जरूरी है। वहीं, इंटर और स्नातक की पढ़ाई से जुड़ी सहायता के लिए आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होता है।

आवेदन करने से पहले पात्रता, जरूरी दस्तावेज और अलग-अलग चरणों में मिलने वाली सहायता राशि की जानकारी आधिकारिक पोर्टल से जरूर जांच लें।

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