खबर के अनुसार केंद्रीय भूमिगत जल बाेर्ड एवं महावीर कैंसर संस्थान के द्वारा की गई रिसर्च में इस बात का खुलासा हुआ हैं। वहीं जिन चापाकलों के पानी में यूरेनियम की मात्रा अधिक मिली हैं उन चापाकलों को पूरी तरह रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
बता दें की जिन चापाकलाें के पानी में 30 पीपीबी से अधिक यूरेनियम मिला है, उसे लाल रंग से रंगवाने को कहा गया हैं। दरअसल पानी में यूरेनियम की मात्रा बढ़ने से इंसान की सेहत प्रभावित हो सकती हैं। इससे इंसान में ब्लड प्रेशर, हार्ट, कैंसर जैसी बीमारियां जन्म ले सकती हैं।
बिहार के भागलपुर-नालंदा समेत 10 जिलों में 19 जगह पानी में यूरेनियम?
मुजफ्फरपुर जिले के सैरया प्रखंड, स्थान अंबारा तेजसिंह।
भागलपुर जिले के पीरपैंती प्रखंड, स्थान सुंदरपुर।
नालंदा जिले के बिहारशरीफ, स्थान मंघरागोफर।
गोपालगंज जिले के गोपालगंज प्रखंड, स्थान यादवपुर रोड, किराना स्टोर।
कटिहार जिले के कुरसैला प्रखंड, स्थान कुरसैला में तीन जगह, फुलवरिया टोला।
मधेपुरा जिले के चौंसा प्रखंड, स्थान चौंसा पूर्वी(3 जगह)
मधेपुरा जिले के उदाकिशुनगंज प्रखंड, स्थान उदाकिशुनगंज।
नवादा जिले के भीखमपुर प्रखंड, स्थान रूपोह(2 जगह)
पूर्णिया जिले के रुपौली प्रखंड, स्थान टीकापट्टी।
सीवान जिले के पचरुखी प्रखंड, स्थान टरवारा नगर, टरवारा।
वैशाली जिले के अरनिया प्रखंड, स्थान अरनिया।

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