बिहार में कर्मचारियों के वेतन और पेंशन पर गहराया संकट, पढ़ें पूरी खबर

न्यूज डेस्क: बिहार में नौकरी करने वाले बिजली कर्मचारियों के वेतन और पेंसन पर संकट गहराया जा रहा हैं। लॉकडाउन (Lockdown) की वजह से बिहार में सरकारी विभाग भी आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं. इन्ही विभागों में बिजली विभाग (Electricity Department) मुख्य है. 
जानकारी के मुताबिक, लॉकडाउन के चलते पिछले कई दिनों से बिजली विभाग के कैश काउंटर बंद पड़े हैं. ऐसे में लोगों ने बिजली बिल ही जमा करना बंद कर दिया. अब स्थिति ऐसी हो गई है कि कम आय के चलते कंपनी में कार्यरत और रिटायर 20 हजार से अधिक कर्मचारियों के वेतन और पेंशन पर संकट गहरा गया है.

बिहार में लॉकडाउन के बाद रोज 4000 मेगावट से अधिक बिजली की खपत हो रही है. लोगों को बिजली देने का खर्च 7 रुपए प्रति यूनिट से अधिक है. लेकिन कमाई 4 रुपए ही प्रति यूनिट हो रही है. हालांकि, इस नुकसान का भरपाई राज्य सरकार अनुदान देकर करती है. इस राल राज्य सरकार लोगों को सस्ती बिजली देने के लिए 5494 करोड़ रुपए का अनुदान दे रही है. लेकिन कर्मचारियों को वेतन और पेंशन देने का काम कंपनी अपनी आमदनी से करती है.

कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि हर महीने कंपनी को औसतन 700 से 800 करोड़ रुपए की वसूली होती है. वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर मार्च महीने में यह वसूली 1500 करोड़ रुपए तक चली जाती है. साल 2019 में कंपनी को 1400 करोड़ रुपए से अधिक की आमदनी हुई थी. अधिकारियों का कहना है कि इस साल मार्च महीने में ही कोरोना वायरस का कहर शुरू हो गया. ऐसे में इस बार कंपनी को 700 करोड़ रुपए की ही आमदनी हुई. 

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