न्यूज डेस्क: नीतीश सरकार की नल-जल योजना पर संकट मडराने लगा हैं। पिछले दिनों पीरपैंती में कराई गई नल-जल योजना की जांच में फर्जीवाड़ा सामने आया था। बहुत सी एजेंसियां जो इस योजना को पूरा करने की जिम्मेदारी ली थी वो पैसा लेकर फरार हो गई हैं। बताया जा रहा है कि करोड़ों रुपये एजेंसियों के पास है। इनमें कई एजेंसियां झारखंड की भी हैं। डीएम ने संबंधित एजेंसियों के विरुद्ध कार्रवाई का निर्देश दिया था।
मिली जानकारी के अनुसार भागलपुर में नल-जल योजना को 15 जून तक पूरा कराने को कहा गया हैं। लेकिन दो दर्जन से अधिक पंचायतों में एजेंसियां करोड़ों रुपए लेकर फरार हो गई हैं। इससे नीतीश सरकार की ये योजना लटकती नजर आ रही हैं।
प्रभारी जिला पंचायत राज पदाधिकारी डीआरडीए निदेशक प्रमोद कुमार पांडेय ने बताया कि सभी बीडीओ को 10 जून तक काम पूरा करवाने को कहा गया है। काम नहीं होने पर संबंधित एजेंसी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी जाएगी। साथ ही साथ इन एजेंसियों पर कानूनी कारवाई भी किया जाएगा।
सबसे बड़ा सवाल यह है की नीतीश सरकार बड़े स्तर पर इस नल-जल योजना की शुरुआत की हैं। इसके लिए कई तरह के बड़े कदम भी उठाये गए हैं। लेकिन एजेंसियों का पैसा लेकर फरार होना एक सवाल उत्पन करता हैं।

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