एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार बिहार में बिहटा, पूर्णिया का चूनापुर और दरभंगा केयर एंड मेंटेनेंस एयरबेस चीन से जंग की हालत में फाइटर एयरक्राफ्ट के लिए बैकअप स्टेशन्स की भूमिका निभाएंगे। यहां से चीन पर सीधा नजर रखा जा सकता हैं।
रिटायर्ड विंग कमांडर प्रफुल्ल बख्शी के मुताबिक बिहार के ये सभी हवाई अड्डे द्वितीय विश्वयुद्ध में बनाए गए थे। इन हवाई अड्डों का इस्तेमाल 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में भी हुआ था। यहां से चीन सीमा तक जल्दी पहुंचा जा सकता हैं।
बता दें की युद्ध के हालात में बिहार के इन एयरबेस का इस्तेमाल बैअकप के अलावा फ्रंट वार में भी किया जा सकता है। क्योंकि ये बेस चीन की नजदीकी सीमा यानि उत्तरपूर्वी भारत से नजदीक हैं। यहां से जवानों के लिए ज़रूरी सामान भी भेजा जा सकता हैं।

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