आपको बता दें की बिहार में जमीन की रजिस्ट्री ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम से किया जाता हैं। विभाग ने 100 प्रतिशत प्रोपर्टी की ऑनलाइन रजिस्ट्री (मॉडल डीड) करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए इंफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार किया जा रहा हैं।
हालांकि अभी तक बिहार के पटना और भागलपुर समेत अन्य शहरों में जमीन की ऑनलाइन रजिस्ट्री औसतन 15 से 16 प्रतिशत ही होती हैं। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग राज्य में जमीन की ऑनलाइन रजिस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए कई तरह की तैयारी कर रही हैं।
ऑनलाइन जमीन रजिस्ट्री के फायदे?
ऑनलाइन जमीन रजिस्ट्री में लोगों को शुल्क में छूट भी मिलता हैं।
ऑनलाइन रजिस्ट्री का फायदा है की आप हिंदी या अंग्रेजी में दस्तावेज तैयार कर सकते हैं।
मॉडल डीड पर रजिस्ट्री कराने का फायदा यह है कि डीड राइटर का शुल्क समेत कई तरह के खर्चे से क्रेता-विक्रेता बच जाते हैं।
जमीन या घर की बिक्री, पावर या किसी को घर जमीन दान के लिए दस्तावेज तैयार करने आदि को लेकर मॉडल डीड के तहत आवेदन किया जा सकता है।

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