खबर के अनुसार साल 2019 में तकनीकी सेवा आयोग के द्वारा कनीय अभियंताओं के पदों पर भर्ती को लेकर विज्ञापन निकाला गया था। इसके अंतर्गत डिप्लोमा के प्रमाण पत्र में अंकित अंक के आधार पर इन अभियंताओं की नियुक्ति की गई थी।
आपको बता दें की इस नियुक्ति प्रक्रिया के दौरान 400 से अधिक अभ्यर्थियों ने विभिन्न संस्थानों के नाम पर फर्जी डिप्लोमा प्रमाण पत्र और अंक पत्र जमा किये थें। साथ ही साथ फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर ही इन्होने कॉन्सलिंग भी कार्रवाई थी।
मिली जानकारी के अनुसार बिहार में जिन इंजीनियरों के प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए हैं जो राज्य के विभिन्न जिलों के रहने वाले हैं। पटना पुलिस ने इनपर एफआईआर दर्ज कर इसकी छानबीन शुरू कर दी हैं। पटना पुलिस की मानें तो सभी आरोपियों के नाम और पते का सत्यापन किया जा रहा है, जल्द ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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