बता दें की सरकार के द्वारा हर साल अधिकतम 16 रुपए यूनिट तक बिजली खरीदी जाती हैं। लेकिन कोयले की कमी और बिजली किल्लत के दौरान यूपी सरकार को इस साल विदेशी कोयले से तैयार बिजली 50 रुपए प्रति यूनिट खरीदनी पड़ेगी।
केन्द्रीय विद्युत नियामक आयोग की तरफ से इसको लेकर आदेश जारी कर दिया गया हैं। यानि की यूपी सरकार को अब बिजली की खरीद के लिए 50 रुपए प्रति यूनिट पैसे का भुकतान करना पड़ेगा। इसका असर बिजली उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।
अगर सरकार को 50 रुपए यूनिट बिजली खरीदनी पड़ती है तो उसका पैसा उपभोक्ताओं से वसूल की जाएगी और बिजली महंगी होगी। वहीं उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने केंद्रीय नियामक आयोग के इस फैसले को तानाशाही बताया हैं।

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