हजारों करोड़ की लागत से बनेगा यह हाईवे
इस परियोजना की कुल लागत लगभग 7 हजार करोड़ रुपये के आसपास आंकी गई है। इसमें निर्माण कार्य के साथ-साथ जमीन अधिग्रहण पर भी बड़ी राशि खर्च की जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि इस हाईवे को आधुनिक सुविधाओं के साथ तय समयसीमा में पूरा किया जाए।
सड़क से किन जिलों को मिलेगा फायदा
इस सड़क के बनने से बाराबंकी, कैसरगंज और बहराइच जैसे क्षेत्रों के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। इन इलाकों के बीच यात्रा समय कम होगा और यातायात अधिक सुगम बन सकेगा।
पर्यावरण और अलाइनमेंट पर चुनौती
परियोजना के सामने सबसे बड़ी चुनौती वन क्षेत्र से जुड़ी हुई है। प्रस्तावित मार्ग में कुछ संरक्षित वन क्षेत्र और हजारों पेड़ प्रभावित हो सकते हैं। इसको लेकर संबंधित विभागों के बीच चर्चा जारी है। हालांकि, सरकार की ओर से पेड़ों के बदले बड़े स्तर पर पौधारोपण की योजना भी बनाई गई है।
मुआवजा और पुनर्वास की तैयारी
जमीन अधिग्रहण और पर्यावरणीय नुकसान को ध्यान में रखते हुए मुआवजा देने की व्यवस्था भी तय की जा रही है। प्रभावित क्षेत्रों में संतुलन बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पौधे लगाने और अन्य उपायों पर जोर दिया जाएगा।
कब तक तैयार होगा हाईवे
सड़क परिवहन विभाग के अनुसार, इस हाईवे को अक्टूबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, विभिन्न मंजूरियों और तकनीकी प्रक्रियाओं के कारण इसमें थोड़ा समय लग सकता है।

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