भारत का GST संग्रह रिकॉर्ड स्तर पर: 2.43 लाख करोड़ के पार

नई दिल्ली। देश की अर्थव्यवस्था के लिए एक मजबूत संकेत सामने आया है। अप्रैल में वस्तु एवं सेवा कर (GST) संग्रह ने नया रिकॉर्ड बनाते हुए लगभग 2.43 लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है। यह पिछले साल की तुलना में बढ़ोतरी को दर्शाता है और राजस्व संग्रह में लगातार सुधार की प्रवृत्ति को भी उजागर करता है।

लगातार बढ़ रहा है GST संग्रह

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस साल GST संग्रह में लगभग 8.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 2.23 लाख करोड़ रुपये के आसपास था, जबकि उससे पहले यह और कम था। पिछले कुछ वर्षों में GST राजस्व में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली है, जो देश में आर्थिक गतिविधियों के विस्तार का संकेत देती है।

घरेलू और आयात से बढ़ा राजस्व

GST संग्रह में वृद्धि केवल घरेलू कारोबार तक सीमित नहीं रही है। घरेलू लेनदेन से प्राप्त राजस्व में भी अच्छी बढ़ोतरी हुई है, वहीं आयात से मिलने वाला कर संग्रह लगभग 25 प्रतिशत से अधिक बढ़ा है। इससे साफ है कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार गतिविधियों का भी राजस्व वृद्धि में अहम योगदान रहा है।

रिफंड के बाद भी मजबूत आंकड़े

अप्रैल में सरकार द्वारा रिफंड के रूप में बड़ी राशि जारी की गई, फिर भी शुद्ध GST संग्रह मजबूत बना रहा। रिफंड एडजस्ट करने के बाद भी करीब 2.11 लाख करोड़ रुपये का शुद्ध राजस्व दर्ज किया गया, जो अर्थव्यवस्था की स्थिरता को दर्शाता है।

पिछले वर्षों का क्या है रुझान?

अगर पिछले कुछ वर्षों पर नजर डालें तो GST संग्रह में लगातार बढ़ोतरी देखी गई है-

2022 में लगभग 1.67 लाख करोड़ रुपये

2024 में 2.10 लाख करोड़ रुपये के करीब

2025 में 2.23 लाख करोड़ रुपये से ऊपर

और अब 2026 में नया रिकॉर्ड स्तर। यह दर्शाता है कि टैक्स सिस्टम धीरे-धीरे मजबूत हो रहा है और अनुपालन में सुधार आया है।

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