भारत बना रहा स्वदेशी स्टील्थ ड्रोन: चीन-पाक के उड़े होश!

नई दिल्ली। भारत रक्षा क्षेत्र में एक और बड़ी छलांग लगाने जा रहा है। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) की ओर से विकसित किया जा रहा स्वदेशी स्टील्थ ड्रोन 'घातक' (UCAV) अब तेजी से अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है। यह ड्रोन भविष्य में भारतीय वायुसेना की ताकत को कई गुना बढ़ा सकता है और दुश्मनों के लिए चुनौती साबित हो सकता है।

अत्याधुनिक तकनीक से लैस होगा 'घातक' ड्रोन

DRDO प्रमुख के अनुसार यह अनमैन्ड कॉम्बैट एरियल व्हीकल (UCAV) आधुनिक फाइटर जेट जैसी क्षमताओं के करीब होगा। आकार और वजन के मामले में इसे हल्के लड़ाकू विमान की श्रेणी में रखा जा सकता है, लेकिन इसका संचालन पूरी तरह बिना पायलट के किया जाएगा।

स्वदेशी इंजन से मिलेगी ताकत

इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है स्वदेशी कावेरी इंजन का उपयोग। यह इंजन ड्रोन को शक्ति प्रदान करेगा और इसे लंबे समय तक उड़ान भरने में सक्षम बनाएगा। रिपोर्ट्स के अनुसार यह इंजन बेहतर ईंधन दक्षता के साथ लगभग 8 घंटे तक लगातार उड़ान भरने की क्षमता दे सकता है। इसकी थ्रस्ट क्षमता इसे सबसोनिक स्टील्थ मिशनों के लिए उपयुक्त बनाती है।

रक्षा परियोजना को बड़ा बजट

सरकार ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को गति देने के लिए लगभग 39,000 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इससे इस ड्रोन के विकास और परीक्षण कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है। यह निवेश भारत को आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन की दिशा में और आगे ले जाएगा।

क्यों खास है ‘घातक’ UCAV?

यह बिना पायलट के लंबी दूरी तक मिशन कर सकता है। 

रडार से बचने की क्षमता रखता है। 

दुश्मन के इलाके में गुप्त ऑपरेशन करने में सक्षम है। 

आधुनिक हथियारों को ले जाने की क्षमता हो सकती है। 

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