फिटमेंट फैक्टर से तय होगी नई सैलरी
वेतन आयोग में सबसे अहम भूमिका फिटमेंट फैक्टर की होती है। इसी के आधार पर वर्तमान बेसिक पे को गुणा कर नई बेसिक सैलरी तय की जाती है। फिलहाल सरकार की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन कर्मचारी संगठनों और विशेषज्ञों के अलग-अलग अनुमान सामने आ रहे हैं।
₹60,000 बेसिक वालों के लिए संभावित सैलरी
अगर ₹60,000 बेसिक पे को आधार मानें, तो अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर के अनुसार नई सैलरी कुछ इस प्रकार हो सकती है:
1.92 फिटमेंट फैक्टर पर नई बेसिक सैलरी लगभग ₹1.15 लाख
2.57 फिटमेंट फैक्टर (7वें वेतन आयोग जैसा) पर करीब ₹1.54 लाख
3.83 फिटमेंट फैक्टर (यूनियन की मांग) पर लगभग ₹2.29 लाख तक
₹70,000 बेसिक वालों के लिए अनुमान
इसी तरह ₹70,000 बेसिक पे वाले कर्मचारियों के लिए संभावित आंकड़े इस प्रकार हैं:
1.92 फिटमेंट फैक्टर पर करीब ₹1.34 लाख
2.57 फिटमेंट फैक्टर पर लगभग ₹1.79 लाख
3.83 फिटमेंट फैक्टर पर ₹2.68 लाख तक पहुंच सकती है बेसिक सैलरी
DA मर्जर का भी होगा असर
हर वेतन आयोग में आमतौर पर महंगाई भत्ता (DA) को बेसिक पे में जोड़ दिया जाता है। इसके बाद नई सैलरी की गणना शून्य से शुरू होती है। इससे कर्मचारियों की कुल आय में बड़ा अंतर देखने को मिलता है।
केवल बेसिक नहीं, कुल सैलरी और ज्यादा
यह ध्यान रखना जरूरी है कि ऊपर बताए गए आंकड़े केवल बेसिक पे के हैं। इसके अलावा HRA, ट्रैवल अलाउंस (TA) और अन्य भत्ते जुड़ने के बाद कर्मचारियों की ग्रॉस और इन-हैंड सैलरी काफी अधिक हो जाती है।
न्यूनतम वेतन में भी बड़ा बदलाव संभव
कर्मचारी संगठनों की मांग है कि न्यूनतम बेसिक वेतन को मौजूदा ₹18,000 से बढ़ाकर ₹69,000 से ₹72,000 तक किया जाए। अगर ऐसा होता है, तो निचले स्तर के कर्मचारियों को सबसे बड़ा फायदा मिल सकता है।
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