यूपी में लाखों कर्मचारियों को खुशखबरी: 1 अप्रैल से लागू हुए नए नियम

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में काम कर रहे लाखों आउटसोर्स और अंशकालिक कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। नए श्रम नियमों के लागू होने के बाद अब कर्मचारियों की कार्य परिस्थितियों, वेतन और छुट्टियों में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। सरकार का दावा है कि इससे कर्मचारियों के अधिकार मजबूत होंगे और किसी भी तरह के शोषण पर रोक लगेगी।

आपको बता दें की लखनऊ में मजदूर दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मंत्री असीम अरुण ने जानकारी दी कि यह सुधार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के तहत लागू किए गए हैं और इन्हें 1 अप्रैल से प्रभावी माना जा रहा है।

काम के घंटों पर सख्त नियम

नई व्यवस्था में कर्मचारियों के कार्य समय को स्पष्ट रूप से तय किया गया है। अब किसी भी कर्मचारी से लगातार सात दिन काम नहीं लिया जा सकेगा। छह दिन काम के बाद एक दिन का सवेतन अवकाश देना जरूरी होगा। इसके अलावा रोजाना काम का समय 8 से 9 घंटे तक सीमित रहेगा, और इससे अधिक काम कराने पर ओवरटाइम देना अनिवार्य होगा।

छुट्टियों में बड़ा बदलाव

सरकार ने कर्मचारियों के आराम और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए छुट्टियों की नई व्यवस्था लागू की है। साल में 10 दिन आकस्मिक अवकाश, 6 महीने की सेवा पूरी होने पर 15 दिन मेडिकल लीव, 15 दिन अर्जित अवकाश, जिसे आगे जोड़ा जा सकेगा, महिला कर्मचारियों के लिए मातृत्व अवकाश के नियमों का सख्ती से पालन। 

वेतन भुगतान में पारदर्शिता

नई व्यवस्था में वेतन भुगतान को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाया गया है। अब कर्मचारियों का मूल वेतन कुल पैकेज का कम से कम 50 प्रतिशत होगा, जिससे भविष्य निधि और अन्य लाभ भी बढ़ेंगे। हर महीने की 1 से 5 तारीख के बीच वेतन सीधे बैंक खाते में भेजना अनिवार्य किया गया है।

‘आउटसोर्स सेवा निगम’ से बदलेगा सिस्टम

सरकार जल्द ही आउटसोर्स सेवा निगम को पूरी तरह लागू करने जा रही है, जिससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी। इस सिस्टम के जरिए कर्मचारियों को सीधे लाभ मिलेगा और भर्ती प्रक्रिया भी अधिक पारदर्शी होगी। नई दरों के अनुसार अकुशल श्रमिकों को ₹11,000 से अधिक वेतन, जबकि कुशल श्रमिकों को ₹13,500 से अधिक वेतन दिया जायेगा।  वहीं 'समान काम के लिए समान वेतन' का सिद्धांत भी लागू होगा। 

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