पेंशन स्कीम में बड़ा सुधार: NPS के नए नियम 1 जुलाई से लागू

नई दिल्ली। देश के करोड़ों निवेशकों के लिए पेंशन व्यवस्था को और पारदर्शी व आसान बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। Pension Fund Regulatory and Development Authority (PFRDA) ने National Pension System (NPS) के तहत लगने वाले चार्जेज को लेकर नियमों को और स्पष्ट कर दिया है। ये बदलाव 1 जुलाई 2026 से लागू होंगे। खास बात यह है कि यह पूरी तरह नया सिस्टम नहीं है, बल्कि पहले से लागू प्रावधानों को ज्यादा व्यवस्थित और समझने योग्य बनाया गया है।

चार्ज स्ट्रक्चर हुआ आसान और साफ

नए प्रावधानों के तहत Tier I और Tier II खातों के चार्ज को लेकर स्पष्टता दी गई है। अब Tier II खाते पर लगने वाला एनुअल मेंटेनेंस चार्ज (AMC) Tier I के बराबर रहेगा। हालांकि, जिन खातों में किसी तिमाही के अंत तक बैलेंस ₹1,000 या उससे कम है, उन पर AMC नहीं लिया जाएगा। इससे छोटे निवेशकों को राहत मिलने की उम्मीद है।

हर अकाउंट को अलग माना जाएगा

एक ही PRAN नंबर के अंदर मौजूद अलग-अलग खातों (Tier I और Tier II) को अब स्वतंत्र अकाउंट माना जाएगा। इसका मतलब है कि हर अकाउंट पर अलग-अलग AMC लागू होगा। इससे निवेशकों को अपने निवेश और खर्च का स्पष्ट हिसाब मिल सकेगा।

निष्क्रिय खातों के लिए नया नियम

यदि किसी खाते में लगातार चार तिमाही तक कोई योगदान नहीं किया जाता, तो उसे निष्क्रिय माना जाएगा। ऐसे मामलों में केवल 10% AMC ही लिया जाएगा, जो निवेशकों पर अतिरिक्त बोझ नहीं डालेगा। जैसे ही खाते में दोबारा निवेश होगा, वह अगले तिमाही से फिर सक्रिय हो जाएगा। साथ ही संबंधित एजेंसियों को ऐसे खातों की पहचान कर उन्हें टैग करने की जिम्मेदारी दी गई है।

जीरो बैलेंस खातों को बड़ी राहत

NPS Lite या अन्य जीरो बैलेंस खातों पर किसी भी तरह का AMC नहीं लिया जाएगा। यह कदम खासतौर पर छोटे और सीमित आय वाले निवेशकों को ध्यान में रखकर उठाया गया है, ताकि वे बिना अतिरिक्त शुल्क के पेंशन योजना से जुड़े रह सकें।

चार्ज वसूली का तरीका तय

चार्ज लेने की प्रक्रिया भी अब साफ कर दी गई है। यह या तो नियोक्ता के माध्यम से बिल के जरिए लिया जाएगा या फिर निवेशक के खाते से यूनिट काटकर वसूला जाएगा। इससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनेगी।

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