क्या है नया नियम?
नई व्यवस्था के अनुसार अब आईटीआई कोर्स का एक हिस्सा उद्योगों में ही पूरा करना होगा। एक साल के कोर्स में लगभग 3 महीने, दो साल के कोर्स में करीब 6 महीने। छात्रों को फैक्ट्रियों और उद्योगों में जाकर वास्तविक काम का अनुभव लेना होगा।
ड्यूल सिस्टम ऑफ ट्रेनिंग लागू
इस पहल के तहत 'ड्यूल सिस्टम ऑफ ट्रेनिंग' लागू किया जाएगा, जिसमें पढ़ाई और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दोनों साथ-साथ चलेंगी। संस्थान उद्योगों के साथ मिलकर छात्रों को अप्रेंटिसशिप, लाइव प्रोजेक्ट, मशीनों का संचालन, सुरक्षा मानकों का प्रशिक्षण दिलाएंगे, जिससे उनकी स्किल बेहतर होगी।
रोजगार से जोड़ने की जिम्मेदारी
अब सिर्फ प्रशिक्षण ही नहीं, बल्कि छात्रों को नौकरी दिलाने की जिम्मेदारी भी संस्थानों की होगी। प्राचार्यों को यह सुनिश्चित करना होगा कि प्रशिक्षण पूरा होने से पहले ही छात्रों को रोजगार के अवसर मिल सकें। संस्थानों को अपने आसपास के उद्योगों के साथ समझौते (MoU) करने होंगे, ताकि छात्रों को बेहतर ट्रेनिंग और रोजगार के अवसर मिल सकें।
पूरे उत्तर प्रदेश में लागू होगा नियम
यह नई व्यवस्था प्रदेश के सभी 305 राजकीय आईटीआई संस्थानों में लागू की जाएगी। इससे हजारों छात्रों को सीधे उद्योगों से जुड़ने का मौका मिलेगा। फिटर, इलेक्ट्रीशियन, वेल्डर, डीजल मैकेनिक, इलेक्ट्रॉनिक्स मैकेनिक, वायरमैन, कोपा समेत कुल 58 ट्रेड के विद्यार्थियों को इस नई व्यवस्था का लाभ मिलेगा।

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