सम्राट कैबिनेट के 7 बड़े फैसले, बिहारवासियों के लिए खुशखबरी

पटना। बिहार सरकार की कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास, कानून-व्यवस्था, रोजगार, शिक्षा, संस्कृति और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में कुल 17 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें कई ऐसे निर्णय शामिल हैं, जिनका सीधा लाभ राज्य के आम लोगों, युवाओं, कर्मचारियों और विभिन्न विभागों को मिलेगा। आइए जानते हैं कैबिनेट के सात बड़े फैसलों के बारे में।

1. एससी-एसटी मामलों के लिए 19 अतिरिक्त विशेष अदालतें और 171 नए पद

अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत लंबित मामलों के त्वरित निपटारे के लिए सरकार ने 19 अतिरिक्त विशेष न्यायालयों में 171 नए पद सृजित करने की मंजूरी दी है। इससे मामलों की सुनवाई में तेजी आएगी और न्याय प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

2. 'हर घर तिरंगा अभियान-2026' के लिए 6.12 करोड़ रुपये मंजूर

कैबिनेट ने हर घर तिरंगा अभियान-2026 के आयोजन के लिए 6.12 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। अभियान के दौरान तिरंगा यात्रा, तिरंगा रैली, सेल्फी विद तिरंगा, रंगोली प्रतियोगिता और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सरकारी भवनों को तिरंगे की रोशनी से सजाया जाएगा और राष्ट्रभक्ति से जुड़े जनजागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे।

3. एनडीपीएस मामलों की सुनवाई के लिए विशेष अदालतों में नए पद

पूर्णिया, भागलपुर और गया में मादक पदार्थों से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए संचालित विशेष अदालतों में 27 नए पद सृजित करने का निर्णय लिया गया है। इससे इन मामलों के निपटारे में तेजी आने की उम्मीद है।

4. बाल गृहों की सुरक्षा के लिए 330 गृह रक्षकों की तैनाती

राज्य के विभिन्न बाल गृहों और पर्यवेक्षण गृहों की सुरक्षा मजबूत करने के लिए 330 गृह रक्षकों की नियुक्ति को मंजूरी दी गई है। इस कदम से किशोर गृहों में सुरक्षा व्यवस्था बेहतर होगी और वहां रहने वाले बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जा सकेगा।

5. ज्ञान भारतम् मिशन के तहत पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण

राज्य की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने के उद्देश्य से ज्ञान भारतम् मिशन के अंतर्गत पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण और मेटाडेटा तैयार करने की योजना को मंजूरी दी गई है। इसके लिए 6.23 करोड़ रुपये से अधिक की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।

6. शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े अहम फैसले

कैबिनेट ने बिहार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के प्रशासनिक कार्यों को मजबूत करने के लिए नए पदों के सृजन को मंजूरी दी है। साथ ही आयुर्वेदिक चिकित्सा पदाधिकारियों की नियुक्ति से जुड़े नियमों में संशोधन करते हुए पुराने मान्य GAMS डिग्रीधारकों को भी अवसर देने का फैसला किया गया है। इसके अलावा आयुष चिकित्सा पदाधिकारियों की नियुक्ति अब प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से की जाएगी।

7. जलापूर्ति और बुनियादी ढांचे को मिलेगा बढ़ावा

अमृत-2.0 मिशन के तहत जमालपुर और मुंगेर की जलापूर्ति परियोजनाओं के लिए लगभग 300 करोड़ रुपये की योजनाओं को मंजूरी दी गई है। वहीं पूर्वी चंपारण के पीपराकोठी में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना के लिए भूमि उपलब्ध कराने और नवादा में बिहार औद्योगिक सुरक्षा बल (BISF) के लिए जमीन हस्तांतरित करने का भी निर्णय लिया गया है।

राज्य के विकास को मिलेगी नई रफ्तार

कैबिनेट के इन फैसलों से न्याय व्यवस्था को मजबूती, रोजगार के नए अवसर, सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार तथा बुनियादी ढांचे के विकास को गति मिलने की उम्मीद है। सरकार का कहना है कि इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से आम लोगों को सीधे लाभ मिलेगा और राज्य के समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी।

0 comments:

Post a Comment