उच्च शिक्षा विभाग की ओर से योजना का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इसे अंतिम रूप देने के बाद संबंधित विभागों से मंजूरी ली जाएगी और फिर कैबिनेट के सामने रखा जाएगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रक्षाबंधन के अवसर पर इस योजना की घोषणा की थी।
50 हजार से 2 लाख रुपये तक मिलेगी मदद
प्रस्तावित योजना में चयनित बेटियों को उनके बिजनेस आइडिया के आधार पर 50 हजार से लेकर 2 लाख रुपये तक का अनुदान देने का प्रावधान किया जा रहा है। इसका उद्देश्य बेटियों को केवल नौकरी की तलाश करने के बजाय अपना कारोबार शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करना है। यदि किसी स्टार्टअप को आगे बढ़ाने के लिए अतिरिक्त पूंजी की जरूरत होगी तो बैंक ऋण की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम किया जाएगा।
नए और उपयोगी आइडिया को मिलेगी प्राथमिकता
योजना में ऐसे बिजनेस आइडिया को प्राथमिकता देने की तैयारी है, जिनमें कुछ नया करने की क्षमता हो और जो लोगों की वास्तविक जरूरतों से जुड़े हों। आवेदन करने वाली बेटियों के प्रस्तावों का मूल्यांकन एक विशेषज्ञ कमेटी के माध्यम से कराया जा सकता है। कमेटी बिजनेस आइडिया की उपयोगिता, नवाचार और उसे सफलतापूर्वक लागू करने की क्षमता जैसे पहलुओं पर विचार करेगी। बेहतर प्रस्ताव वाले आवेदकों का चयन कर उन्हें आर्थिक सहायता दी जाएगी।
बेटियों की इस योजना में उद्योग विभाग भी करेगा सहयोग
यह योजना उच्च शिक्षा विभाग की ओर से तैयार की जा रही है, लेकिन इसके क्रियान्वयन में उद्योग विभाग की भी मदद ली जाएगी। योजना के अंतिम प्रारूप और नाम पर उच्चस्तरीय स्तर पर निर्णय लिया जाएगा। सभी जरूरी विभागों से मंजूरी मिलने के बाद इसे कैबिनेट की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा।
बेटियों के इस नई योजना के लिए कौन कर सकेगा आवेदन?
प्रस्तावित नियमों के अनुसार आवेदक का बिहार का मूल निवासी और कम से कम 18 वर्ष की आयु का होना जरूरी होगा। आवेदन के साथ निवास और आयु प्रमाण पत्र के अलावा बिजनेस आइडिया तथा प्रोजेक्ट की विस्तृत जानकारी देनी होगी। आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से होने की संभावना है।
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