दुनिया सुस्त, भारत मस्त! GDP ने पकड़ी रॉकेट रफ्तार, बड़े-बड़े देशों को छोड़ा पीछे

नई दिल्ली। वैश्विक अर्थव्यवस्था इस समय कई चुनौतियों से जूझ रही है। अमेरिका-ईरान के बीच तनाव, होर्मुज स्ट्रेट में पैदा हुई बाधाओं, तेल-गैस की कीमतों में बढ़ोतरी और रूस-यूक्रेन युद्ध के असर ने दुनिया के कई देशों की आर्थिक चिंता बढ़ाई है। ऐसे माहौल में भारत की अर्थव्यवस्था ने मजबूत प्रदर्शन करते हुए सबको चौंका दिया है।

अप्रैल-जून तिमाही में भारत की GDP ग्रोथ 7.8 फीसदी दर्ज की गई, जबकि भारतीय रिजर्व बैंक ने इस अवधि में 7 फीसदी वृद्धि का अनुमान लगाया था। यानी अर्थव्यवस्था ने अनुमान से बेहतर प्रदर्शन किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस उपलब्धि की सराहना की है।

आखिर भारत की GDP इतनी तेज क्यों बढ़ रही?

भारत की तेज आर्थिक रफ्तार के पीछे कई सेक्टरों का योगदान माना जा रहा है। इनमें मुख्य रूप से मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस सेक्टर और घरेलू खपत अहम भूमिका निभा रहे हैं।

1. मैन्युफैक्चरिंग ने पकड़ी रफ्तार

देश में उत्पादन और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने से मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रहा है। घरेलू उत्पादन बढ़ने के साथ निवेश और रोजगार के अवसर भी तैयार हो रहे हैं।

2. सर्विस सेक्टर बना बड़ा सहारा

आईटी, वित्तीय सेवाओं, व्यापार और अन्य सर्विस सेक्टर भारतीय अर्थव्यवस्था के प्रमुख इंजन बने हुए हैं। इन क्षेत्रों में लगातार गतिविधियां बढ़ने से GDP को मजबूती मिल रही है।

3. घरेलू मांग ने संभाली अर्थव्यवस्था

भारत की बड़ी आबादी और मजबूत घरेलू बाजार भी आर्थिक विकास का महत्वपूर्ण आधार है। लोगों की ओर से सामान और सेवाओं पर खर्च जारी रहने से कारोबार को गति मिलती है और इसका सीधा असर आर्थिक वृद्धि पर दिखाई देता है।

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