बिजली नेटवर्क की होगी गहन जांच
अनुरक्षण माह के दौरान 33/11 केवी उपकेंद्रों, पावर ट्रांसफॉर्मर और वितरण ट्रांसफॉर्मरों की जांच और मरम्मत की जाएगी। जिन इलाकों में बार-बार बिजली कटने या फीडर ट्रिपिंग की समस्या आती है, वहां खराबी के मूल कारण का पता लगाकर स्थायी समाधान किया जाएगा। जर्जर तार, ढीले कनेक्शन और खराब उपकरणों को बदला जाएगा। ट्रांसफॉर्मरों पर उनकी क्षमता के अनुसार सुरक्षा उपकरण भी लगाए जाएंगे, जबकि अस्थायी या जुगाड़ वाले कनेक्शन हटाए जाएंगे।
पेड़ों की डालियों की होगी छंटाई
बिजली लाइनों के आसपास पेड़ों की बढ़ी हुई डालियों की सघन छंटाई भी कराई जाएगी। अक्सर आंधी या बारिश के दौरान डालियां बिजली की लाइनों से टकराकर आपूर्ति बाधित करती हैं। ऐसे क्षेत्रों में पहले से काम करके इस समस्या को कम करने का प्रयास होगा। अधिकारियों को 10 सितंबर तक अपने क्षेत्रों की कार्ययोजना तैयार करने और जरूरी सामग्री की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
वरिष्ठ अधिकारी करेंगे अचानक निरीक्षण
अभियान की निगरानी के लिए वरिष्ठ अधिकारी और प्रबंध निदेशक खुद फील्ड में जाकर उपकेंद्रों का निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण की जगहों की जानकारी पहले से सार्वजनिक नहीं की जाएगी। अभियान के बाद अक्टूबर में किए गए कार्यों का सत्यापन भी कराया जाएगा। सरकार की इस पहल से उम्मीद है कि त्योहारों के दौरान बिजली कटौती, फीडर ट्रिपिंग और ट्रांसफॉर्मर खराब होने जैसी समस्याओं में कमी आएगी और उपभोक्ताओं को बेहतर विद्युत आपूर्ति मिल सकेगी।

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