भारत में बढ़ रहा फैटी लिवर का खतरा, शरीर में दिखें ये 5 संकेत तो रहें सावधान

नई दिल्ली। भारत में फैटी लिवर की समस्या तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य चिंताओं में शामिल हो गई है। खराब खानपान, शारीरिक गतिविधि की कमी, मोटापा और डायबिटीज जैसी समस्याओं के कारण इसका खतरा बढ़ रहा है। AIIMS से जुड़े विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में फैटी लिवर का बोझ काफी ज्यादा है। एक मेटा-विश्लेषण में वयस्कों में इसकी औसत व्यापकता 38.6% और बच्चों में 35.4% पाई गई है।

फैटी लिवर को अब अक्सर मेटाबॉलिक डिस्फंक्शन-एसोसिएटेड स्टिएटोटिक लिवर डिजीज (MASLD) कहा जाता है। इसकी खास बात यह है कि शुरुआती चरण में कई लोगों को कोई स्पष्ट परेशानी महसूस नहीं होती। इसी वजह से बीमारी का पता अक्सर जांच के दौरान चलता है।

ये 5 संकेत दिखें तो रहें सतर्क

1. लगातार थकान और कमजोरी

बिना ज्यादा काम किए भी लगातार थकान महसूस होना शरीर में किसी गड़बड़ी का संकेत हो सकता है। हालांकि केवल थकान के आधार पर फैटी लिवर की पुष्टि नहीं की जा सकती।

2. पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में परेशानी

कुछ लोगों को लिवर के आसपास हल्का दर्द या भारीपन महसूस हो सकता है। ऐसा लगातार होने पर डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।

3. वजन बढ़ना और पेट के आसपास चर्बी 

मोटापा और खासकर पेट की चर्बी फैटी लिवर के प्रमुख जोखिम कारकों में शामिल हैं। लंबे समय तक बैठे रहना और शारीरिक गतिविधि कम होना भी खतरा बढ़ा सकता है।

4. आंखों या त्वचा का पीला पड़ना

यह फैटी लिवर का सामान्य शुरुआती लक्षण नहीं है, लेकिन आंखों या त्वचा में पीलापन नजर आए तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह लिवर से जुड़ी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है और तत्काल चिकित्सकीय जांच जरूरी है।

5. पेट या पैरों में सूजन

पेट या पैरों में असामान्य सूजन लिवर की गंभीर गड़बड़ी से जुड़ी हो सकती है। ऐसे लक्षणों में बिना देरी किए डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।

खराब जीवनशैली बड़ा कारण

फास्ट फूड, अधिक कैलोरी वाला भोजन, मीठे पेय, कम शारीरिक गतिविधि और बढ़ता मोटापा फैटी लिवर के खतरे को बढ़ा सकते हैं। डायबिटीज और मेटाबॉलिक समस्याओं वाले लोगों में भी इसका जोखिम अधिक देखा जाता है।

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