ब्रेन में चोट लगना कितना खतरनाक? इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें

हेल्थ डेस्क। सिर पर लगी चोट को अक्सर लोग सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन कुछ मामलों में सिर पर चोट लगने से दिमाग में चोट, सूजन या रक्तस्राव जैसी गंभीर समस्या हो सकती है। खासकर तेज रफ्तार दुर्घटना, ऊंचाई से गिरने या सिर पर जोरदार चोट लगने के बाद लक्षणों पर नजर रखना बेहद जरूरी है।

सिर की चोट कब बन सकती है गंभीर?

हर सिर की चोट गंभीर नहीं होती, लेकिन बाहर से चोट कम दिखने के बावजूद दिमाग के अंदर समस्या हो सकती है। चोट के बाद कुछ लक्षण तुरंत दिखाई देते हैं, जबकि कुछ घंटों या दिनों बाद सामने आ सकते हैं। इसलिए गंभीर चोट की आशंका होने पर चिकित्सकीय जांच जरूरी है।

इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

सिर पर चोट लगने के बाद बार-बार उल्टी होना, बेहोशी, बढ़ता हुआ सिरदर्द, अत्यधिक नींद या व्यक्ति को जगाने में परेशानी जैसे संकेत गंभीर हो सकते हैं। इसके अलावा भ्रम की स्थिति, याददाश्त में अचानक बदलाव, बोलने या समझने में परेशानी और चलने में असंतुलन भी चेतावनी के संकेत हैं।

अगर चोट के बाद दौरा पड़े, शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी या सुन्नपन महसूस हो, एक आंख की पुतली दूसरी से अलग दिखे या नाक-कान से खून अथवा साफ तरल पदार्थ निकले, तो तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।

चोट के बाद क्या करें?

सिर पर गंभीर चोट लगने की स्थिति में व्यक्ति को अनावश्यक रूप से हिलाने-डुलाने से बचें, खासकर अगर गर्दन या रीढ़ की चोट की आशंका हो। बेहोशी, दौरे या सांस लेने में परेशानी होने पर तत्काल आपातकालीन सहायता लें। बिना चिकित्सकीय सलाह के दर्द की दवा या अन्य दवा देने से भी बचना बेहतर है।

बच्चों और बुजुर्गों में रखें सावधानी

बच्चों में सिर की चोट के बाद व्यवहार में बदलाव, लगातार रोना, उल्टी या असामान्य नींद जैसे संकेतों पर ध्यान देना चाहिए। वहीं बुजुर्गों में मामूली दिखने वाली चोट भी गंभीर हो सकती है, खासकर अगर वे खून पतला करने वाली दवाएं लेते हों।

समय पर जांच है बेहद जरूरी

ब्रेन इंजरी का पता लगाने के लिए डॉक्टर जरूरत के अनुसार न्यूरोलॉजिकल जांच और सीटी स्कैन जैसे परीक्षण करा सकते हैं। समय पर पहचान और इलाज से गंभीर जटिलताओं का खतरा कम किया जा सकता है।

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