न्यूज डेस्क: पूरी दुनिया के वैज्ञानिक कोरोना की तोड़ ढूंढने में लगे हैं। इसी बिच भारतीय वैज्ञानिकों ने बाजी मार ली हैं। एनडीटीवी से बातचीत करते हुए CSIR के डीजी शेखर मांडे ने दावा किया है कि भारत इम्युनिटी बढ़ाने को लेकर वैक्सीन बनाने के काम में जुटा है और आने वाले दिनों में इसके अच्छे नतीजे मिलने की संभावना है.
उन्होंने कहा, 'हमने ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) का अप्रूवल लेकर लेप्रोसी के इलाज में कारगर वैक्सीन का टेस्ट शुरू किया है. हमें अभी दो और मंजूरी मिलनी बाकी है. उम्मीद है कि एक या दो दिन में ये मंजूरी मिल जाएगी और उसके बाद हम ट्रायल शुरू कर देंगे. आने वाले 6 हफ्तों तक यह पता चल जाएगा कि यह वैक्सीन इलाज में कितना असरदार है'.
शेखर मांडे ने ये भी कहा है कि भारत में इस वक्त वायरस के जीनोम की सिक्वेंसिंग पर ध्यान दे रहा है. इस सिक्वेंसिंग के जरिये ये पता चलता है कि अगर किसी में वायरस आया तो वो वह किसके जरिये और किस तरह से आया है. उनके मुताबिक फिलहाल नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ विरोलॉजी (NIV) पुणे ने 25 सिक्वेंसिंग किया है, इसके अलावा दो और लैब ने 30 जीनोम सिक्वेंसिंग की हैं. आने वाले दो हफ्तों में ये संख्या 500 से 1000 तक पहुंच जाएगी.

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