न्यूज डेस्क: अमेरिका, ब्रिटेन, फ़्रांस, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया के बाद अब रूस के वैज्ञानिकों ने भी चीन पर हमला किया हैं। आपको बता दें की कोरोना वायरस के बारे में एक रूसी वैज्ञानिक ने सनसनीखेज दावा किया है। रूस के इस बहुचर्चित माइक्रोबायोलॉजिस्टप पीटर चुमकोव ने दावा किया है कि चीन के वैज्ञानिक वुहान में स्थित प्रयोगशाला के अंदर 'पागलपन भरे प्रयोग' कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस इन्हीं प्रयोगों का नतीजा है। चुमकोव ने दावा किया कि वुहान में चीनी वैज्ञानिक वायरस की रोग पैदा करने की क्षमता को परख रहे थे, और उनका कोई 'गलत इरादा नहीं था', हालांकि उन्होंने जानबूझकर यह वायरस पैदा किया।
शोधकर्ता प्रफेसर चुमकोव ने कहा, 'चीन के वुहान में स्थित प्रयोगशाला में वैज्ञानिक पिछले 10 साल से तरह-तरह के तरीकों से कोरोना वायरस को विकसित करने की कोशिश कर रहे थे। मेरा मानना है कि चीन के वैज्ञानिकों ने पागलपन भरे प्रयोग किए।
कोरोना वायरस के पैदा होने की तस्वीर अब धीरे-धीरे साफ हो रही है।’ मॉस्को, के अखबार कोमसोमोलेट्स के साथ हुए इंटरव्यू में चुमकोव ने कहा, 'कई चीजों को वायरस के अंदर डाला गया है जिसने जीनोम के स्वांभाविक सीक्वें स का स्थाधन ले लिया है। इसी वजह से कोरोना वायरस के अंदर बेहद खास चीजें आ गई हैं।’

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