खबर के अनुसार आधार कार्ड के तर्ज पर राज्य के करीब 12.90 करोड़ की आबादी को अब सरकार डिजिटल हेल्थ कार्ड देने की तैयारी में है। फिलहाल नालंदा में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में यह काम शुरू किया गया है। बहुत जल्द राज्य के अन्य जिलों में भी शुरू किया जायेगा।
आपको बता दें की डिजिटल हेल्थ कार्ड बनने से कोई भी डाक्टर कंप्यूटर पर एक क्लिक के जरिए उस रोगी का पुराना सारा इतिहास जान सकेंगे। वो जान सकेंगे की उन्हें कब कौन ही बीमारी हुई थी और डॉक्टर ने उन्हें कौन सी दवा दी थी।
मिली जानकारी के अनुसार मोबाइल नंबर, आधार नंबर के द्वारा डिजिटल हेल्थ कार्ड बनाया जायेगा। डिजिटल हेल्थ कार्ड में ब्लड टेस्ट, यूरिन टेस्ट ईसीजी, मधुमेह, ब्लड प्रेशर समेत कुल 75 से अधिक स्तरों पर जांच की रिपोर्ट को भी शामिल किया जाएगा। इससे उस व्यक्ति को कभी बीमारी होती हैं तो डॉक्टर को इलाज करने में आसानी होगी।

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