खबर के अनुसार बिहार में मठ-मंदिरों के पास 28 हजार एकड़ से अधिक जमीन हैं। यह आंकड़ा पंजीकृत और गैर-पंजीकृत मठों-मंदिरों का हैं। सरकार गांव-गांव में मौजूद मठ-मंदिरों का आंकड़ा जुटा रही हैं। आने वाले समय में इसकी संख्या बढ़ सकती हैं।
बता दें की कोर्ट के आदेश के बाद सरकार राज्य में मंदिरों-मठों की जमीन का आंकड़ा जुटा रही हैं। इस जमीन को बेचना और खरीदना दोनों गैर क़ानूनी हैं। लक्ष्य है कि मठ-मंदिर की जमीन गैर-कानूनी तरीके से न बेची जाए। इसको लेकर तैयारी की जा रही हैं।
बिहार के मठ-मंदिरों के पास है 28 हजार एकड़ जमीन, देखें जिलेवार आंकड़े?
पूर्वी चंपारण जिले के मठों-मंदिरों के पास 5,874 एकड़ जमीन हैं।
मधुबनी जिला के मठ-मंदिर के पास 2,385 एकड़ जमीन है।
सीतामढ़ी जिले में मठों-मंदिरों के पास 2,025 एकड़ जमीन है।
दरभंगा जिले में मठों-मंदिरों के पास 1,359 एकड़ जमीन है।
खगडिय़ा जिले मठों-मंदिरों के जिम्मे 1,258 एकड़ जमीन है।
लखीसराय जिले में मठों-मंदिरों के पास 934 एकड़ जमीन हैं।
सहरसा जिले में मठों-मंदिरों के पास 866 एकड़ जमीन हैं।
वैशाली जिले में मठों-मंदिरों के पास 820 एकड़ जमीन हैं।
पश्चिमी चंपारण जिले में मठों-मंदिरों के पास 822 एकड़ जमीन हैं।
मधेपुरा जिले में मठों-मंदिरों के पास 975 एकड़ जमीन हैं।
कैमूर में पंजीकृत 22 मठों-मंदिरों के जिम्मे 656 एकड़, जबकि गैर पंजीकृत के पास 813 एकड़ जमीन है।
औरंगाबाद, बांका, भोजपुर, जहानाबाद, सारण, शिवहर, सिवान, जमुई के मठों-मंदिरों में एक सौ से पांच सौ एकड़ जमीन हैं।
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